गिद्धौर( अजित कुमार यादव) राज्य सरकार सूबे में सात निश्चय योजना के तहत पंचायत के गांव टोलों को विकास के मामले में समृद्ध व सबल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन जब सरकार के विकास कार्य में स्थानीय प्रतिनिधि पदाधिकारी व विभागीय कर्मी ही सरकार के ऐसे जन सरोकार से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना में अनियमितता बरतने लगें, तो पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के धरातल पर उतारने की बात बेमानी होगी। सरकार के इसी सात निश्चय योजना में भ्रस्टाचार की बली वेदी पर चढ़ रहा गिद्धौर प्रखंड के गंगरा पंचायत के वार्ड नंबर 03 में निर्माणाधीन जल नल योजना जिसके जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच करने आयी लोक शिकायत पदाधिकारी सीमा कुमारी के जांच से उक्त योजना में अनियमितता की कलई खुल गयी। बताते चलें कि गंगरा पंचायत के वार्ड नंबर 03 में 19.40 लाख रुपये की लागत से बन रहा जल मीनार यहां के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए शोभा की वस्तु बनकर रहा गया है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नही।कहते हैं ग्रमीण गंगरा के वार्ड नंबर 03 के ग्रामीण वार्डवासी मोहम्मद लियाकत, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद कलीम, मोहमद रियाज, मोहम्मद लुकमान, मोहम्मद सिराज सहित दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि बीते 06 माह से ही यहां हम अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए वार्ड में सात निश्चय योजना के तहत जल मीनार लगाया जा रहा है जो आज तक पूर्ण नही हो सका है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पेयजल की व्यवस्था को ले जलमीनार के बोरिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण का कार्य अधूरा है व टंकी से वाटर सप्लाय का मुख्य पाइप को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। वहीं नल की टोंटी लगाने को ले पानी का पाइप घर में लाकर जैसे तैसे छोड़ दिया गया। ग्रामीण बताते हैं कि 19 लाख से अधिक राशि खर्च हो जाने के बावजूद भी आज तक उक्त योजना से घर मे बूंद बूंद पानी भी हम गरीब अल्पसंख्यकों को मयस्सर नही हो पाया है। कहते हैं लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी इस संदर्भ में योजना की जांच में पहुंचें जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सीमा कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मैंने जांच के क्रम में पाया कि बोरिंग से जलमीनार की दूरी 500 सौ मीटर की दूरी पर जल मीनार है व 100 फिट की ऊंचाई पर है पानी न टंकी तक और न घर तक जा पा रहा है ये तकनीकी समस्या है। योजना का पाइप बिछाया गया है, कनेक्शन भी किया गया है टंकी जल मीनार के पास रखा है मोटर भी मौजूद है योजना को पूर्ण दिखाया गया है। लेकिन योजना आंशिक रूप से ही पूर्ण है मेरे द्वारा योजना से जुड़े तथ्यों की जानकारी से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया जा रहा है।