रजौली (नवादा)प्रखंड क्षेत्र में बरसात आने से सी शहरी एवं ग्रामीणों क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है।नतीजा रात तो दूर की बात दिन में भी मच्छरों का आतंक से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।हद तो तब हो जाती है जब मच्छरों को नष्ट करने व उससे निजात पाने के लिए लोग तरह-तरह के मच्छर मारक दवा का प्रयोग यानी गुड नाइट,टिकिया,अगरबत्ती आदि कई तरह के टिकिया का उपयोग किया जाता है,लेकिन इसका भी प्रभाव देखने को नहीं मिलता है।ऐसा प्रतीत होता है कि इन मच्छरों के सामने अब यह टिकिया या मच्छर मारक दवा का चंद मिनटों तक ही असर होता है।बाद में फिर से तांडव मचाना शुरू कर देता है।शहर में मच्छरों का तांडव इस कदर बढ़ गया है,कि रात तो दूर दिन में भी मच्छरों से बचना मुश्किल है।एक और जहां रजौली शहर वासियों को हर दिन गंदगी से झुंझना पड़ता है।वहीं दूसरी और मच्छरों से भी परेशानी हो रही है।रजौली ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी। समुचित सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।जिसके कारण दिन-प्रतिदिन मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है।मच्छरों के प्रकोप से बीमार पड़ रहे हैं।रजौली शहर के ग्रामीण जनता प्रेम कुमार मंगलम, लखन पंडित,सुरेश यादव,अशोक साव सहित दर्जनों लोगों ने बताया शहरी क्षेत्रों के नालों की सफाई नहीं करने से उसमें भरे गंदगी होने के चलते क्षेत्र में जल जमाव रहता है।इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।गंदगी के कारण जिस स्तर से मच्छर का प्रकोप बढ़ा है।उसे परिवार में हमेशा कोई न कोई सदस्य बीमार रहते हैं।लंबे समय से रजौली शहर के कई इलाकों में नहीं हुई साफ-सफाई जिससे मच्छरों का तांडव शहर में इस कदर बढ़ गया है कि शाम होते हीं रजौली शहर वासियों को मछरदानी के अलावे तरह-तरह के मच्छर मारक दवा का प्रयोग यानी गुड नाइट, टिकिया, अगरबत्ती आदि कई तरह के टिकिया का उपयोग करते हैं।लेकिन इसका भी प्रभाव देखने को नहीं मिलता है।रजौली शहर के मनोज पांडेय बताते हैं,कि शहर में रहना मुश्किल हो गया है।मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए कोई उपाय नहीं है।मच्छरों के चपेट से कई बीमारियां हो रही है।इसके लिए अधिकारियों को कोई कदम उठाने की जरूरत है।एलिस पंडित कहती है कि शहर क्षेत्र में जिस तरह मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है।उसे गंभीरता लेने की जरूरत है।जिसके कारण परिवार में कई लोग मलेरिया, टाइफाइड रोग की चपेट में आ रहे हैं।