आंदोलनरत माध्यमिक शिक्षकों के निलंबन और एफ0आई0आर0 दर्ज करने की कार्यवाई तुरंत रोकने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से किया अनुरोध-चिराग पासवान

जमुई
जनादेश न्यूज़ जमुई
मुंगेर ( गौरव मिश्रा) लोजपा के सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को मुंगेर में प्रेस-वार्ता में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से आंदोलनरत शिक्षकों के विरूद्ध निलंवन और एफ0आई0आर0 दर्ज करने की काररवाई को तुरंत रोकने कि बात कहीं गई .काररवाई को वापस लेने की मांग कीं । उन्होंने बिहार के आंदोलनरत शिक्षकों की ‘‘ समान काम के लिए समान वेतन‘‘ की मांग को जायज ठहराया और कहा कि बिहार सरकार को अविलंब आंदोलनरत शिक्षकों से वार्ता कर समस्या के निदान का प्रयास करना चाहिए.चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा कि वे निजीतौर पर एक काम के लिए दो तरह के वेतन की व्यवस्था के विरूद्ध हैं ।उन्होंने दुःख प्रकट किया कि जब बिहार सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी विभागों में रिक्त पद पहले से स्वीकृत हैं और उन स्वीकृत पदो के लिए सरकार बजट का प्रावधान करती है, फिर स्वीकृत पदों के विरूद्ध नियोजन पर नियुक्ति की प्रक्रिया ही गलत है ।उन्होंने कहा कि सभी धर्मों में शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया गया है । जबतक शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन और पूरा सम्मान नहीं मिल जाता है, बिहार में छात्रों का भविष्य बर्वाद हो जायेगा .उन्होंने लोजपा के चुनावी घोषणा पत्र में शिक्षकों और सभी सरकारी कर्मियों के लिए समान काम के बदले समान वेतन की व्यवस्था का समावेष करने की भी घोषणा कीं ।वहीं दिल्ली के साम्प्रदायिक दंगों पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि दिल्ली की पुलिस भाजपा नेता कपिल मिश्रा और अन्य नेताओं के भड़काउ भाषणों के तुरंत बाद काररवाई कर लेती, तो दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगा की स्थिति ही पैदा नहीं होती और आज दिल्ली नहीं जलतीं । उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में किसी भी पार्टी के नेता यदि साम्प्रदायिक लाइन पर भड़काउ भाषण देते हैं, तो सरकार को अविलंब उनके विरूद्ध काररवाई करने की जरूरत है. पत्रकार सम्मेलन में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान , राज्य लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज ,जिला लोजपा अध्यक्ष राघवेन्द्र भारती आदि मौजूद थे. मुंगेर पहुंचने पर आंदोलनरत माध्यमिक शिक्षक संघ के सैकड़ों पुरूष और महिला शिक्षकों ने लोजपा सांसद चिराग पासवान का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और समान काम के लिए समान वेतन की मांग का समर्थन करने का अनुरोध किया ।