धान की रोपनी से पहले बिचड़ा का करें तैयार:-कृषि विभाग

नवादा

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

रजौली (नवादा) प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों धान के बिचड़े डालने के बाद जिन किसानों का बिचड़ा तैयार हो गया है वो अब रोपनी की तैयारी में जुट गए हैं।लेकिन रोपनी शुरू करने से पहले किसानों के लिए एक बात जाननी बेहद जरूरी है कि बिचड़ों की रोपाई से पहले उनका उपचार करना बेहद आवश्यक है।उपचारित बिचड़ों की बुवाई का सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि उन बिचड़ों से तैयार होने वाली धान की फसल पर कीटों का प्रकोप बेहद कम हो जाता है, जिससे सुन्दर और स्वस्थ पौधों के साथ ही किसान भाइयों को बम्पर पैदवार का लाभ मिलता है।इस संबंध में जानकारी देते रजौली कृषि पदाधिकारी सारंजय कुमार ने बताया कि बड़े पैमाने पर होने वाली धान की खेती के लिए मौजूदा समय जिन किसानों के बिचड़े पानी में गलने से बचे रह गए वे लोग तेजी से रोपनी की प्रक्रिया में लग गए हैं।प्राय: किसानों को रोपनी के बाद पौधों में कीड़े लगने समेत अन्य कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।जिससे फसल के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है और उत्पादन काफी कम हो जाती है। इससे बचाव के लिए रोपनी के पूर्व ही अगद बिचड़ों को उपचारित कर दिया जाए तो कई प्रकार की समस्याओं से एकसाथ निजात मिल जाता है तथा पौध अच्दी तैयार होने के साथ ही बम्पर उत्पादन का लाभ भी किसानों को मिलता है।

नर्सरी से पौध उखाड़ते समय करें प्रबंध

आमतौर पर नर्सरी लगाने के तीन से चार सप्ताह में बिचड़े रोपई के लिए तैयार हो जाते हैं।लेकिन पौध को खेत से उखाड़ने के पांच से छह दिन पहले एक किलो नाइट्रोजन प्रति 100 वर्गमीटर नर्सरी के हिसाब से देने के बाद उखाड़ने के एक दिन पहले यदि खेत में पानी नहीं है तो पानी भर देते हैं।जिससे आसानी से पौध निकाले जा सके।

इन तरीके से कैसे करें उपचारित

नर्सरी से पौध उखाड़ने के बाद किसी बड़े बर्तन में जीवाणुनाशी स्ट्रप्टोसाइक्लीन 5 ग्राम तथा फफूंदनाशी कार्बेंडाजोल की 40 ग्राम मात्रा का प्रति 20 लीटर में घोल तैयार कर पौधे की जड़ों को उसमें 15 से 20 मिनट तक डुबाए रखें। इसके बाद बिचड़ों को कतार से 10 से 15 सेंमी की दूरी बनाते हुए रोपाई करें।इस प्रकार से उपचारित करने के बाद बिचड़ों की रोपाई करने पर उनमें न तो कीड़ों का प्रकोप होता है और न फफूंद आदि का असर होता है।