ज़िला पदाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी नवीन कुमार पाण्डेय ने सभी मुखिया के साथ कोविड संक्रमण के रोकथाम, कोविड टीकाकरण, मास्क वितरण, सैनीटाईजेशन इत्यादि के संबंध मे zoom के माध्यम से वर्चुअल बैठक की।
मास्क वितरण एवं सैनीटाईजेशन:- डीपीआरओ ने बताया कि ज़िले मे अब तक कुल 23 लाख मास्क का वितरण किया जा चुका है जो कुल लक्ष्य का 60 प्रतिशत है। 50 प्रतिशत वार्डों मे सैनीटाईजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। डीपीआरओ ने बताया कि सभी जनप्रतिनिधि अपने संबन्धित पंचायत में मास्क वितरण एवं सैनीटाईजेशन से संबन्धित प्रतिवेदन व्हाट्सप्प ग्रुप मे देख सकते है। उन्होने बताया कि मास्क वितरण एवं सैनीटाईजेशन कार्य को सफल बनाने में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत मे यदि कोई जीविका संगठन कार्यरत है तो उससे मास्क उत्पादन का कार्य लें ताकि स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों को रोजगार मिल सके। इस हेतु ज़िला परियोजना प्रबन्धक, जीविका को निदेशित किया जा चुका है।
नल-जल योजना का किर्यान्वयन:-
आप सभी अपने स्तर से पेय जल आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि कोई भी योजना यदि किसी कारण से बंद है उसकी तुरंत मरम्मति की व्यवस्था की जा सके। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के निदेशनुसार ग्राम पंचायतों के स्तर से अनुरक्षक अनुदान 2000 रुपए प्रति माह को दर से डब्लू आई एम सी के खाते में 15वीं वित की टाइड घटक से अविलंब हस्तानांतरित करना सुनिश्चित करें। पेय जल योजनाओं के नियमित संचालन के लिए यह अत्यंत ही आवश्यक है। अनुरक्षकों द्वारा प्रतिदिन के आधार पर मोटर को चालू व बंद करने एवं रख-रखाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा प्रत्येक उपभोक्ता परिवार से उपभोक्ता शुल्क वसूल करना जरूरी है। डीपीआरओ ने जन प्रतिनिधियों से इस संदर्भ मे लोगों को जागरूक करने का भी आग्रह किया।
कोविड संक्रमण से संबन्धित कार्य:-
उन पंचायतों को चिन्हित करें जहां त्योहार या किसी अन्य कारणों से (शादी इत्यादि) लोग दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में आए है। साथ ही उन पचायतों पर भी विशेष नजर रखनी है जहां वैसे राज्यों से लोग आए है जिन राज्यों मे कोविड-19 के मामलें बढ़ रहे है (दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिल नाडु, पश्चिम बंगाल इत्यादि)। अभी जिले में RTPCR जांच एवं टीकाकरण हेतु सभी प्रखंडों मे वैन जा रहे हैं। यह अलग अलग प्रखंडों एवं पंचायतों में जाकर 45 से अधिक उम्र वाले लोगों का निबंधन कर टीका लगाने का काम कर रही है। अपने पंचायत के लोगों से बात करके उन्हे टीका लेने हेतु प्रोत्साहित करें, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें तथा ध्यान रखें कि टीका/जांच एक्सप्रेस खाली हाथ न लौटें। कोविड टीका के प्रति यदि लोगों मे अविश्वास है तो उसे दूर करें। कोरोना टीका पूरी तरह सुरक्षित है तथा कोविड संक्रमण से बचाव के लिए टीका ही सबसे बड़ा हथियार है। डीपीआरओ ने सोशल मीडिया पर प्रसारित टीकाकरण से संबन्धित भ्रामक और नकारात्मक खबरों से दूर रहने तथा केवल सरकारी और प्रतिष्ठित एजेंसियों जैसे ICMR, WHO आदि से आने वाले सत्यापित समाचार और आंकड़ों पर ही भरोसा करने को कहा।
सभी स्तर के जन प्रतिनिधि (मुखिया, प्रमुख, वार्ड सदस्य, पंच, सरपंच इत्यादि) का टीकाकरण होना बहुत ही आवश्यक है क्योकि हर आपदा के समय चाहे वो कोरोना संक्रमण हो या बाढ़ हो, सभी जन प्रतिनिधि फ्रंटलाइन कर्मी की तरह हमेशा आगे रहते है। जैसा कि ज़िला पदाधिकारी महोदय द्वारा निदेशित है कि बाढ़ संभावित इलाकों मे प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाए ताकि बाढ़ के समय उन इलाकों मे पहुँचने एवं टीकाकरण मे मुश्किल का सामना न करना पड़े।