क्षतिग्रस्त सडकों को दो दिनों में करें मोटररेबुल – जिला पदाधिकारी।

नालंदा
जनादेश न्यूज़ नालंदा
जिला में पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कें कुछ जगहों पर बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ जगहों पर सड़कों की तत्काल मरम्मती कर मोटरेबल किया जा चुका है।
बिंद एवं अस्थावां प्रखंड में प्रभावित क्षेत्रो से जल निकासी हो रही है तथा जल स्तर में काफी कमी आ चुकी है। सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती 2 दिनों के अंदर सुनिश्चित करने का निदेश जिला पदाधिकारी ने दिया है।
ग्रामीण कार्य विभाग एवं पथ निर्माण विभाग के सभी कार्यपालक अभियंताओं को युद्ध स्तर पर कार्य कर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को अविलंब मोटरेबल बनाने का निर्देश दिया गया। उक्त निर्देश जिला पदाधिकारी ने कल देर रात हरदेव भवन में आहूत आपदा प्रबंधन संबंधी बैठक में दिया।
उन्होंने सभी प्रभावित प्रखंडों एवं पंचायतों में, जहां से पानी निकल चुका है, ब्लीचिंग पाउडर एवं चूने का छिड़काव सुनिश्चित कराने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया। उन्हें प्रत्येक प्रखंड के प्रभावित गांव की सूची संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई।
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सभी प्रभावित प्रखंडों में हैंडपंप एवं नल जल योजना की बोरिंग के जल की जांच सुनिश्चित करने एवं संक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंताओं को सभी क्षतिग्रस्त बांध एवं तटबंध की तत्काल मरम्मती सुनिश्चित कराने को कहा गया। अधिकांश क्षतिग्रस्त जगहों पर मरम्मत की गई है, शेष जगहों पर 1 से 2 दिन में मरम्मती कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने सभी क्षतिग्रस्त सड़क, बांध, तटबंध की स्थाई मरम्मती के लिए भी विभागीय स्तर से अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित विभागीय अभियंताओं को दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने प्रभावित गांव में, जहां भी आवश्यकता है, सामुदायिक किचन का संचालन जारी रखने का निर्देश दिया। इस आपदा में गृह क्षति का आकलन सभी अंचलाधिकारी को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी को फसल क्षति का सर्वे कराने का निर्देश दिया गया। फसल क्षति में सब्जी की खेती को हुई क्षति का भी सर्वे सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।