जिला जज डॉ रमेश चंद्र द्विवेदी ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला,निचली अदालत के फैसले को जिला जज ने पलटा डेढ़ के बजाय 3 साल तक जेल में रहेंगे आरोपित

नालंदा बिहार शरीफ
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : जिला जज डॉ रमेश चंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को जिले के लिए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपित को डेढ़ साल के जगह 3 साल की कठोर कारावास की सजा दी है इसके साथ हैं ₹5000 का जुर्माना भी किया है जुर्माने की राशि नहीं देने पर 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा यह सजा लूट से जुड़े मामले में सुनाई गई है दोनों आरोपी जानीकुमार यादव व रजत कुमार कटिहार जिले के कोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मूसापुर जोरावर गंज गांव के निवासी हैं इन दोनों आरोपितों को 12 फरवरी 2020 को स्थानीय व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी विद्यानंद सागर ने लूट का प्रयास मानते हुए डेढ़ डेढ़ साल की सजा सुनाई थी.इस फैसले के बाद जहां आरोपित ने रिहाई के लिए अपील दाखिल किया था वहीं राज्य सरकार की ओर से एपीओ बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने भी सजा बढ़ाए जाने को लेकर अलग से अपील दाखिल की थी जिला जज श्री द्विवेदी ने आरोपी के अपील को जहां खारिज कर दिया वहीं राज्य सरकार की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए यह सजा सुनाई सजा सुनाए जाने पर लोक अभियोजक कैसर इमाम डीपीओ दिलीप कुमार सिंह एपीओ पंकज कुमार समेत अन्य लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए अपराधियों के ऊपर एक करारा प्रहार बताया है.डीपीओ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि 30 जुलाई 2019 को बेन थाना क्षेत्र निवासी सूचक देवेंद्र प्रसाद रामचंद्रपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया से ₹500000 निकासी कर रामचंद्रपुर बस स्टैंड की ओर जा रहे थे इसी दौरान दोनों आरोपी आए और घेरकर पॉलिथीन में रखें रुपए को छीन कर रामचंद्रपुर बस स्टैंड की ओर भागने लगे इस पर सूचक देवेंद्र ने चोर चोर का हल्ला करते हुए अभियुक्तों का पीछा किया इसी दौरान गस्ती कर रहे लहेरी थाना की पुलिस आई और दोनों आरोपितों को पकड़ा इसके बाद जॉनी कुमार यादव के यहां से ₹500000 लूट के बरामद किए गए इस मामले में अभियोजन की ओर से 5 लोगों ने गवाही दी थी.इस पर निचली अदालत ने लूट को खारिज करते हुए हिना ताई का प्रयास मानते हुए डेढ़ डेढ़ साल की सजा सुनाई थी जब की सुनवाई के बाद जिला जज ने इसे लूट का बेहतर मामला मानते हुए यह फैसला सुनाया अधिवक्ताओं की माने तो जिला जज का यह फैसला अपने आप में जहां आरोपितों को मनोबल तोड़ने वाला होगा.