शेखपुरा : जिला के एक दिवसीय दौरे पर आए किसी विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति आर के सुहाने ने कृषि को लाभकारी गतिविधि बनाने के लिए किसानों को अपना स्टार्टअप तैयार करने का सलाह दिया। उन्होंने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किसानों को स्वावलंबी बनाने के इस योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कृषि विश्वविद्यालय सबौर में किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए दो महीने का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा ।इस प्रशिक्षण के लिए किसानों को प्रति माह 10000 रूपये भी दिए जाएंगे ।प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसानों को अपना स्वरोजगार शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी। पहले से शुरू किए गए कार्यों के लिए यह राशि बढ़कर 25 लाख रुपये तक किसानों को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके तहत किसानों को जैविक खेती पशुपालन और दूध उत्पादन कृषि प्रचार सेवा खाद्य प्रसंस्करण किसी उत्पादन यंत्र तकनीक कचरा प्रबंधन कृषि आपूर्ति श्रृंखला सूचना एवं प्रसारण कृषि यंत्र एवं चिकित्सा और सेवा क्षेत्र में प्राप्त कर किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के किसी उम्र या शैक्षणिक योग्यता की सीमा निर्धारित नहीं है । उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य परंपरागत खेती को बाज़ारोंमुखी बनाना है। राज्य के युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है तकनीकी का व्यवसायीकरण किया जाना है ।राज्य में कृषि क्षेत्र में उद्यमिता विकास हेतु अभियान चलाना है।