पटना : सुरक्षित राजधानी की पटना पुलिस के तमाम दावे महज जुमले साबित हो रहे है। अपराधियों के बीच अब खाकी से खौफ़ गुजरे जमाने की बात हो गई। तभी जरायमपेशा लोगो का तांडव जारी क्या दिन क्या रात क्या चौराहा क्या घर का लगातार बंदूके शोले उगल रही है। इसी क्रम में दानापुर अंतर्गत खगौल थानाक्षेत्र के जमालुद्दीनचक में सोमवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने घर में घुसकर रेलवे के ड्राइवर 55 वर्षीय सत्येंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के दौरान पिता को बचाने पहुंचे 15 वर्षीय पुत्र अभिजीत को भी गोली मारकर जख्मी कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थोड़ी देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में ले लिया और जख्मी अभिजीत को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली उसकी कमर के नीचे लगी है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मुकेश ने बताया कि वारदात में शामिल अपराधियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। भूमि विवाद की बातें सामने आ रही है। घटना के बारे में बताया जाता है कि जमालुद्दीनचक निवासी सत्येंद्र सिंह और उनका परिवार घर में था। मुख्य दरवाजा बंद था। इसी बीच दो से अधिक की संख्या में पहुंच अपराधी दरवाजा खटखटाने लगे। आवाज सुनकर सत्येंद्र दरवाजा खोलने पहुंच गए। उन्होंने जैसे ही दरवाजा खोला, अपराधी घर में दाखिल हो गए और उन्हें गोली मार दी। वह जमीन पर गिर पडे़। गोली की आवाज सुनकर पुत्र अभिजीत भी कमरे से बाहर निकल गया। देखा कि पिता जमीन पर गिरे है और अपराधी भाग रहे हैं। अपराधी अभिजीत को देख रूक गए। उसे भी गोली मारकर जख्मी कर सभी फरार हो गए। आसपास के लोग जब तक जुटते सत्येंद्र की मौत हो चुकी थी। वहीं, अभिजीत को सगुना मोड़ स्थित निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया गया है। सत्येंद्र दानापुर में रेलवे ड्राइवर के पद पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनका कुछ लोगों से भूमि विवाद भी चल रहा था। दो वर्ष पूर्व भी जमीन को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। इस संबंध में संबंधित थाने में मामला भी दर्ज है। अभिजीत ने पुलिस के समक्ष वारदात में शामिल बबलू सहित कुछ अन्य लोगों का नाम लिया है। पुलिस सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।