रजौली (नवादा) प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों लग्जरी बसों में सवारी से ज्यादा सामान की ढुलाई हो रही है।बस के ऊपर ऊंचे-ऊंचे त्रिपाल बांध कर इलेक्ट्रॉनिक सामान,कपड़े, जूते व अन्य सामान ढोए जा रहे हैं। जिससे कई बिना बिल व परमिट के सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में बिक्री के लिए भेजे जा रहे हैं।इससे कर चोरी को भी बढ़ावा मिल रहा है।समान ढुलाई करने वाली लग्जरी वाहनों में कोलकाता,टाटा बक्सर, रांची से रजौली आने वाली लग्जरी बसों में पैसेंजर से अधिक लगेज की ढुलाई ज्यादा हो रही है।जिससे टैक्स चोरी करने वालों को फायदा मिल रहा है।दरअसल बसों की छत से लेकर अंदर और डिक्की में सिर्फ लगेज ही भरा रहता है।जिससे एक राज्य से दूसरे राज्य में सामानों की ढुलाई का सिलसिला तेजी होता जा रहा है।जिससे बस और लगेज मंगाने वाले व्यवसायियों को जीएसटी और ईवे बिल जैसे टैक्स से बचने का मौका मिल रहा है।वहीं राज्य और केन्द्र सरकार को भी कर का काफी नुकसान बस मालिकों द्वारा पहुंचाया जा रहा है।रजौली के स्थानीय लोगों का कहना है कि बस संचालक यात्रियों से अधिक माल ढुलाई कर फायदा कमा रहे हैं।जबकि उन्हें बस की परमिट यात्री ढोने के लिए होती है।बावजूद अंतरराज्यीय चलने वाले बसों से रोजाना लाखों का माल टैक्स चोरी करके शहर में लाया जा रहा है।वहीं परिवहन विभाग के परमिट शर्तों का भी उल्लंघन किया जा रहा है।
क्या कहते हैं,अधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इसकी जांच करा बिना परमिट का माल भेजने व मंगाने वाले व्यवसायी तथा बस संचालक पर भी कार्रवाई की जाएगी।