रजौली प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई निर्जला एकादशी व्रत

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जनादेश न्यूज़ नवादा
रजौली : रजौली प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को निर्जला एकादशी व्रत काफी धूमधाम से मनाई गई। निर्जला एकादशी व्रत ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी को मनाई जाती है।निर्जला एकादशी व्रत के बारे में राज शिव मंदिर के पुजारी शिवबालक पांडेय व ज्योति पांडेय ने बताया कि निर्जला एकादशी व्रत करने से श्रद्धालुओं को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष रुप से पूजा-अर्चना की जाती है। निर्जला एकादशी व्रत सभी व्रतों में सबसे कठिन माना गया है। इसका आरंभ एकादशी की तिथि से होता है और द्वादशी की तिथि में सुबह व्रत का पारण के उपरांत यह समाप्त हो जाता है। ज्येष्ठ मास के निर्जला एकादशी व्रत का वर्णन महाभारत काल में भी मिलता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।पौराणिक कथा के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत के बारे में महर्षि व्यास ने ही भीम को बताया था। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी का पारण अगले दिन सुबह में सूर्योदय के बाद करने से श्रेष्ठ होता है। रजौली प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों महिलाओं ने व्रत धारण कर आदि नारायण भगवान विष्णु से पापों की मुक्ति के लिए प्रार्थना की।
रजौली से पंकज कुमार आर्य की रिपोर्ट