मानवता के परिचायक हैं डॉ रामनंदन, महंगाई के दौर में आज भी महज ₹5 से बढ़कर इतना हुआ फीस, रोगियों के चेहरों की मुस्कान है इनकी पहचान

शेखपुरा
जनादेश न्यूज़ शेखपुरा 
बरबीघा : हमारे समाज में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है, क्योंकि वही एक ऐसा शख्स है, जो किसी को मौत के मुंह में जाने से बचा सकता है.तिल-तिल मरते किसी इंसान को जिंदगी दे सकता है और खोई हुई उम्मीदों को जीता-जागता उत्साह दे सकता है.जाहिर सी बात है कि धरती पर एक डॉक्टर ही साक्षात ईश्वर का काम करता है और इसके लिए उनके प्रति जितना कृतज्ञ हुआ जाए कम ही होगा.डॉक्टर्स को प्राप्त इस देव पद के सम्मान मे कभी-कभी अंतरमन से निकलते इस पवित्र भाव को बनाए रखना भी बड़ा मुश्किल होता है.
“सेवा ही धर्म है” के भाव से आज भी समाज में कई ऐसे डॉक्टर हैं जो आपातकालीन स्थिति में भी 24 घंटे लगातार अपने क्षेत्र में अपनी कर्तव्य पथ पर सेवाभाव से डटे हुए हैं. शेखपुरा जिले में
क्षेत्र और समाज में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पुनेसरा निवासी डॉ रामनंदन प्रसाद सिंह हैं जो लगातार पिछले कई दशकों से शेखपुरा जिले में समाज सेवा की भावना से सेवारत है जिनकी हाथों से कई लोगों की जिंदगी खुशनुमा हुई है.
महंगाई के इस दौर में आज आज भी ₹5 से बढ़ते बढ़ते ₹50 पर पहुंचा फीस
बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के पुनेसरा गांव निवासी डॉ रामनंदन प्रसाद आज भी शेखपुरा जिले में मानवता के परिचायक हैं जो इस महंगाई के दौर में भी महज ₹50 में गरीब असहाय जरूरतमंद लाचार लोगों का भगवान के रूप में इलाज कर उन्हें नई जिंदगी प्रदान कर रहे हैं. महज ₹5 से इनकी शुरुआत हुई थी और आज इस महंगाई के दौर में जब पूरा देश महंगाई महंगाई की आवाज से गुंजायमान है वहीं महज ₹50 की फीस में इलाज करना हकीकत में एक समाज सेवा ही नहीं बल्कि मानवता भी है जिनके पास आए हुए रोगी एवं रोगियों के परिजनों के चेहरों पर इलाज कराने के पश्चात मुस्कान झलकती है और यही मुस्कान डॉ रामनंदन की पहचान है.
कर्म प्रधान विश्व करि राखा
संसार नश्वर है और इस नश्वर संसार में कोई भी व्यक्ति अमर नहीं है बल्कि उस व्यक्ति का कर्तव्य ही अमरत्व प्रदान करता है. आप समाज मैं जिस रूप में सेवा भाव से अपने कार्य को कीजिएगा लोग को उसी रूप में याद करेंगे. शेखपुरा जिले में डॉ रामनंदन को इनके कर्म के अनुरूप भगवान का दर्जा देते हैं जिनके द्वारा इस महंगाई के दौर में भी आपातकालीन स्थिति में महज ₹50 की फिस में 24 घंटे लोगों के बीच समर्पित रहना ही इनका कर्तव्य है.
मिलकर मन आह्लादित हो गया जब इन्होंने हमें हमेशा अपने कर्तव्य पथ पर ईमानदारी पूर्वक आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया. और इन सभी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से ही आज हम अपने कर्तव्य पथ पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं और जनादेश न्यूज़ नेटवर्क अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है बस इसी तरह बनाए रखें अपना प्यार.
आपका शुभेच्छु
राजीव रंजन
संपादक (जनादेश न्यूज़ नेटवर्क)