•हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल •राज्य के अन्य नहरों के पास स्थित जमीन का सर्वे का कार्य प्रक्रियाधीन है, जिसके तहत कुल 500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है
1पटना, 4 जून 2025: माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना जिला अंतर्गत बिक्रम लॉक कैनाल बैंक सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर परियोजना की संरचना, संचालन व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं माननीय ऊर्जा मंत्री के बहुमूल्य मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा के श्रोतों के विकास पर राज्य भर में बड़े पैमाने में कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस परियोजना को जल-जीवन-हरियाली अभियान के 10वें अवयव — “सौर ऊर्जा उपयोग को प्रोत्साहन एवं ऊर्जा की बचत” — के आलोक में विकसित की गई है। राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, नहरों और जल संसाधन विभाग की अन्य भूमियों का चिन्हांकन कर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जा रही है।
बिक्रम लॉक कैनाल के किनारे जल संसाधन विभाग की भूमि पर स्थापित इस सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता 2 मेगावाट है। इसका निर्माण एक निजी कंपनी द्वारा किया गया है, और राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना पर कोई पूंजीगत व्यय नहीं किया गया है। एकरारनामा के अनुसार, आगामी 25 वर्षों तक 3.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
माननीय मुख्यमंत्री ने परिसर निरीक्षण के दौरान कहा कि राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए राज्य के विभिन्न नहरों, बांधों, नदी एवं तटबंधों के किनारे खाली पड़े स्थलों का सर्वे कराकर बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा संयंत्र का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के उत्पादन से पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण रहित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी होगी एवं पर्यावरण संरक्षण में इसका लाभ मिलेगा। इस परियोजना के संचालन से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और इससे आर्थिक लाभ भी होगा। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में हमलोगों ने कई काम किए हैं। हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है। लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं।
माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि जल संसाधन विभाग और ऊर्जा विभाग समन्वय बनाकर राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नहरों के किनारे की सरकारी भूमि का सर्वेक्षण कर सौर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण एवं अन्य क्षेत्रों में भी हरित ऊर्जा सुलभ हो सके।
राज्य के कुल 100 मीटर से अधिक लंबाई वाले सौर परियोजना क्षेत्रों के लिए 9 नहरों तथा 50 मीटर से अधिक परियोजना क्षेत्र के 10 नहरों का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 500 मेगावाट होगी। सर्वेक्षण के उपरांत निविदा कर चयनित एजेंसियों को यथाशीघ्र कार्य आवंटित किया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने जानकारी दी कि जल संसाधन विभाग की नहरों के किनारे बिहार में करीब 2200 किलोमीटर लंबाई की भूमि चिन्हित की गई है, जहां इस प्रकार की परियोजनाएं स्थापित की जा सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कई स्थलों का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा विभाग बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के माध्यम से ऊर्जा भंडारण को लेकर भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, ताकि उत्पन्न सौर ऊर्जा का प्रभावी उपयोग किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को राज्य के जलाशयों एवं बांधों पर विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है।
ऊर्जा सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने कहा कि बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में यह परियोजना एक मॉडल के रूप में उभर सकती है। निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ऐसा तंत्र तैयार किया गया है जिसमें राज्य सरकार को कोई पूंजीगत व्यय नहीं करना पड़ा, और फिर भी दीर्घकालीन सस्ती और स्थिर बिजली सुनिश्चित हो रही है।यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरण संरक्षण के तीनों लक्ष्यों को एक साथ पूरा कर रहा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में जल संसाधन व संसदीय कार्य विभाग के माननीय मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी; मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ; जल संसाधन के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि; पटना के डिविजनल कमिश्नर श्री चंद्रशेखर सिंह, डीएम त्यागराजन एस एम; नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एमडी श्री राहुल कुमार और ऊर्जा विभाग; बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण; जिला प्रशासन एवं संबंधित तकनीकी एजेंसियों के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।