आज दिनांक 25 जुलाई, 2026 को सुश्री सारा अशरफ, उप विकास आयुक्त, नालन्दा की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए संचालित कृषि योजनाओं, किसानों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों तथा विभिन्न विभागीय गतिविधियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
बैठक में खरीफ फसल आच्छादन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 47.53 प्रतिशत फसल आच्छादन प्राप्त किया गया है।
उप विकास आयुक्त ने शेष लक्ष्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज एवं आवश्यक कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत निबंधन एवं आधार सत्यापन शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जैविक खेती कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 18 क्लस्टरों के माध्यम से 2,000 एकड़ क्षेत्र में 2,117 किसानों को जोड़ा गया है। उप विकास आयुक्त ने जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा अधिकाधिक किसानों को इस योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके एवं एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 313 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिनके परिणामस्वरूप 45 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया तथा 35 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। उप विकास आयुक्त ने अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बीज, उर्वरक एवं कीटनाशी नमूनों की जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रयोगशाला जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मिट्टी जांच प्रयोगशाला की समीक्षा के दौरान अधिकाधिक किसानों का सॉयल हेल्थ कार्ड तैयार करने तथा वैज्ञानिक एवं संतुलित खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
उद्यान विभाग की समीक्षा में नारियल पौध वितरण योजना के अंतर्गत अधिकाधिक किसानों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरएडी) के अंतर्गत चयनित छह क्लस्टरों में मशरूम, मक्का एवं चीना किट के वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त पौधा संरक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत पौधा संरक्षण पाठशाला, बीज उपचार, जैविक घटकों के प्रदर्शन तथा ड्रोन के माध्यम से कीटनाशी एवं तरल उर्वरकों के छिड़काव जैसे नवाचारों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत परम्परागत कृषि विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए भारत सरकार की मार्गदर्शिका के अनुरूप जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति (डीएलईसी) के गठन पर सहमति व्यक्त की गई। साथ ही प्राकृतिक खेती योजना के अंतर्गत चयनित तीन नए क्लस्टरों में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में किसानों के प्रशिक्षण, परिभ्रमण, किसान पाठशाला एवं किसान–वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। परियोजना निदेशक, आत्मा ने बताया कि पूर्व से संचालित गतिविधियों के अतिरिक्त इस वर्ष प्रत्यक्षण कृषि, किसान समूहों का क्षमता संवर्द्धन तथा खाद सुरक्षा समूह की योजनाओं का भी नालन्दा जिले में संचालन किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने सभी योजनाओं का विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसानों को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने खरीफ मौसम के दौरान बीज, उर्वरक, कीटनाशी एवं तकनीकी सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने तथा नियमित अनुश्रवण करते हुए प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी सहित कृषि, उद्यान, आत्मा, भूमि संरक्षण, पौधा संरक्षण, मिट्टी जांच प्रयोगशाला एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।