-एक साथ साथ पांच जगहों पर ढाई सौ किसानों ने शुरू किया श्रमदान – पचास प्रतिशत महिला किसान भी कर रही श्रमदान
नवादा: आहर-पईन बचाओ अभियान साथ बीएमजेड-डब्लूएचएच व प्रयोग संस्था के बैनर तले शनिवार को कभी किसानों के लिए जीवनदायी कहे जाने वाला रजाईन पईन के कायाकल्प के पांच जगहों पर लगभग ढाई सौ महिला-पुरुष किसान श्रमदान में जुट गए। श्रमदान स्थल आदमपुर के पास स्थानीय मुखिया सुनीता देवी, समाजसेवी अजय कुशवाहा, मड़रा में पूर्व मुखिया ओमप्रकाश कुशवाहा, आदि ने नारियल फोड़ के कर श्रमदान कार्यक्रम का शुरुआत किया गया। इसके बाद मड़रा, परतापुर और डेलुआ सहित पांच जगहों पर श्रमदान कार्यक्रम शुरू किया गया। इस मौके पर आहर-पईन बचाओ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एमपी सिन्हा ने कहा कि किसान अगर तन-मन से मेहनत करें तो मिट्टी को सोना बनते देर नहीं लगेगी। साथ ही कहा कि रोह प्रखंड के रजाईन पईन के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान में उमड़ी महिला-पुरूष किसानों का भीड़ यह साबित कर रहा है कि यह पईन फिर से किसानों के लिए जीवनदायी साबित होगा। और क्षेत्र में परंपरागत जल स्रोतों का विकास होगा। इस श्रमदान में प्रवासी लोगों की भूमिका काफी अहम है। वे लोग बड़ी उत्साह के साथ श्रमदान में लगे हैं। इस मौके पर लोगों से कोरोना से बचाव के लिये हरसंभव पालन करने के अलावा शरीर को स्वस्थ्य रखने के बारे में विस्तार से बताया गया। इस मौके पर महेंद्र राउत, उदय सिंह, विनय कुमार,