नालंदा विश्वविद्यालय के तर्ज पर तेलहाडा विश्वविद्यालय का भी स्थापना हो नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने लोकसभा में उठाया मामला

नालंदा
जनादेश न्यूज़ नालंदा
नालंदा के लोकसभा सदस्य,  कौशलेन्द्र कुमार ने लोकसभा नियम-377 के तहत नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम-2010 की तरह ही तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने 26 दिसंबर, 2009 को तेल्हाड़ा स्थल का भूमि पूजन कर तिलाधक (तेल्हाड़ा) विश्वविद्यालय की स्थापना का संकल्प व्यक्त किए थे। उन्हीं के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मैं तेल्हाड़ा प्राचीन महाविहार के पुनरुत्थान (रिवाईवल) के लिए एवं नालंदा के ऐतिहासिक शैक्षणिक पहचान को पुनः स्थापित करने के लिए तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना की माँग करता हूँ।
इसके लिए सरकार के संस्कृति, शिक्षा और विदेश मंत्रालय के साथ-साथ पर्यटन मंत्रालय को एक समन्वय समिति बनाकर स्थानीय समुदाय, पुरातत्व विशेषज्ञों और बौद्ध संगठनों एवं राज्य सरकार के साथ बैठक करके प्रस्ताव तैयार किया जाए।
तेल्हाड़ा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, जो कि 1वीं से 12वीं शताब्दी ई.तक एक प्राचीन बौद्ध मठ और शिक्षा केन्द्र महाविहार था। यह हाल की खुदाई से भी प्रमाणित हुआ है। प्रसिद्ध चीनी भिक्षु ह्वेनसांग ने 7वीं शताब्दी में तेल्हाड़ा के दौरा का उल्लेख भी किया है। 
मा.सांसद महोदय ने माँग करते हुए कहा कि नालंदा में शिक्षा और संस्कृति विरासत एवं प्राचीन समय में बौद्ध अध्ययन के एक प्रमुख केन्द्र तेल्हाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना किया जाए।