बिहारशरीफ : नालंदा पुलिस ने एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया है जो पिछले 2 वर्षों से अवैध तरीके से भारत में रह रहा था. गिरफ्तार किए गए रूसी नागरिक की पहचान अलेक्जेंडर तमित्री चेकों के रूप में की गई है. जिसके पास से बंगाल का फर्जी आधार कार्ड,2 साल पहले एक्सपायर हुआ अवैध वीजा और पासपोर्ट की छाया प्रति बरामद हुई है.
गिरफ्तारी के संबंध में नालंदा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि रूसी नागरिक अलेक्जेंडर तमित्री चेकों 90 दिन के टूरिस्ट वीजा पर 29 जनवरी 2020 को मलेशिया से भारत के कोच्चि आया था. 90 दिन का टूरिस्ट वीजा 21 जनवरी 2021 तक एक्सटेंड कराने के लिए बाध्य था. लेकिन कोरोना के कारण भारत सरकार ने एग्जिट परमिट 30 सितंबर 2021 तक दी थी और उसे इंडिया से जाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन रूसी बीजा में रूसी नागरिक ने छेड़छाड़ कर 2021 को 2024 कर दिया था और पिछले 2 वर्षों से अवैध रूप से भारत के कई राज्यों में अपना समय बिता रहा था.
गिरफ्तार रूसी नागरिक अलेक्जेंडर तमित्री चेकों 2 जुलाई को नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में विपासना करने के लिए पहुंचा था. जहां विपश्यना सेंटर के प्रोफ़ेसर डॉ. दीपांकर लामा ने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट की मांग की जिसके बाद रूसी नागरिक के पास वीजा और पासपोर्ट की छाया प्रति थी. वही बंगाल का एक आधार कार्ड भी मिला जो जांच में फर्जी पाया गया.
इसके बाद नव नालंदा महाविहार प्रशासन के द्वारा बिहार आईबी को कोई वैध दस्तावेज के बिना रूसी नागरिक के आने की सूचना दी गई. जिसके बाद नालंदा एसपी के निर्देशानुसार इस मामले की छानबीन शुरू की गई और थानाध्यक्ष ने रूसी नागरिक को हिरासत में लेते हुए विदेशी अधिनियम एवं फर्जी कागजात तथा आधार कार्ड से छेड़छाड़ करने के तहत 420 मामला दर्ज किया.