रजौली (नवाद) हमेशा थकान, सस्ती, चिड़चिड़ापन महसूस हो तो यह अनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं में इसकी अधिक कमी देखी जा रही है। बचाव के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। पूरे शरीर में ऑक्सीजन को ही हीमोग्लोबिन पहुंचाता है। मौसम बदलने के साथ अक्सर लोगों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत देखने को मिलती है।जिसका कारण खान-पान की गड़बड़ी भी होती है। इसी क्रम में गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में खान-पान में लापरवाही और शारीरिक परिवर्तन से अक्सर खून की कमी की शिकायत देखी जाती है।शरीर में आयरन की कमी से अक्सर महिलाएं एनीमिक खून की कमी हो जाती है।इस कमी को दूर करने के लिए सिर्फ खानपान को लेकर गंभीर होने की जरूरत है। अनुमंडलीय अस्पताल रजौली के चिकित्सक डॉ सतीश चंद्र सिन्हा ने बताया की हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करता है।इसकी कमी से शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने लगती और अनीमिया के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।शरीर को पूरा पोषण न मिलने से रक्त में आयरन की कमी हो जाती है। साथ ही कई बार चोट लगने या महिलाओं में माहवारी के दौरान भी ज्यादा खून बहने से भी शरीर में खून की कमी हो जाती है।
सामान्य महिलाओं की अपेक्षा गर्भवतियों में अधिक होती खून की कमी
चिकित्सक ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में अक्सर खून की कमी होना आम बात होती है।जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे सामान्य महिला से ज्यादा आयरन की मात्रा की जरूरत होती है। क्योंकि बच्चे के विकास के लिए शरीर में ज्यादा रक्त की जरूरत होती है।इसलिए गर्भावस्था में मां और शिशु को स्वस्थ रखने के लिए प्राप्त मात्रा में आयरन का सेवन जरूरी है। उन्होंने बताया कि आशा हुआ एएनएम के माध्यम से आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण किया जाता है।विभाग के द्वारा गांव-गांव में आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां मुक्त में किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को बांटने के लिए दी जाती है।