मां दुर्गा के आगमन के साथ हिंदू नव वर्ष का आज होगा शुभारंभ

नालंदा

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

मनोज कुमार की रिपोर्ट

रजौली (नवादा) इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 30 मार्च रविवार से हो रहा है।इसी दिन हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 की शुरुआत भी होगी।इस बार नववर्ष के राजा एवं मंत्री स्वयं सूर्यदेव रहेंगे।जिससे सुख-समृद्धि की संभावनाएं प्रबल होंगी।बजरंगबली चौक के ज्योतिषाचार्य प्रहलाद पांडेय ने बताया कि कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 8 बज कर 13 मिनट से 10 बज कर 9 मिनट तक रहेगा।अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना दोपहर 11 बज कर 36 मिनट से 12 बज कर 24 मिनट बजे तक की जा सकती है।जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
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आठ दिनों का होगा नवरात्र,पंचमी तिथि क्षय का विशेष संयोग

इस वर्ष नवरात्रि आठ दिनों की होगी क्योंकि पंचमी तिथि क्षय हो रही है। चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ 2 अप्रैल को मनाई जाएगी।रामनवमी 6 अप्रैल को प्रभु श्रीराम और हनुमान जी की करें।आराधना
इस बार रामनवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी।ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि में प्रभु श्री राम और पवन पुत्र हनुमान जी की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।श्री राम चरित मानस का नवाह्नपारायण पाठ,सुंदरकांड, हनुमान चालीसा,संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करना अत्यंत शुभ रहेगा।इस वर्ष मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं।जो अच्छी वर्षा और समृद्धि का संकेत है। लेकिन वे भैंसे पर सवार होकर जाएंगी।जो रोग और विपत्तियों का संकेत देता है।अतः स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना आवश्यक होगा।उन्होंने ने बताया की नवरात्रि में श्री राम,जय राम,जय जय राम मंत्र का जाप करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।मां दुर्गा की कृपा प्राप्ति के लिए श्रीदुर्गासप्तशती, दुर्गा चालीसा,स्तोत्र एवं मंत्रों का पाठ करना शुभ रहेगा।नवरात्रि के दौरान ईशान कोण में कलश स्थापना एवं अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना करने से भक्तों को सुख, शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।