जब बरबीघा की बेटी राखी ने CBSE 10वीं की परीक्षा परिणाम में 98.2% अंक लाकर बनी हरियाणा में अंबाला टॉपर “बेटियां म्हारो छोरों से कम है क्या”

शेखपुरा
जनादेश न्यूज़ शेखपुरा
👉कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों
बरबीघा : बेटियां बेटों से किसी भी तरह से कम नहीं है आज समाज का हर वह क्षेत्र चाहे शिक्षा, समाज सेवा, रोजगार, सरकारी नौकरियां, राजनीति समेत हर क्षेत्र में बेटियां भी आगे आ रही है. CBSE 10वीं की परीक्षा का परिणाम आज जारी किया गया इस परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करने में बेटियां भी अपनी प्रतिभा की परिचायक है. बेटियां अपने अभिभावक एवं समाज को भरोसे का परिणाम दे रही है. दरअसल ऐसे परिणाम सुनकर मन गदगद हो उठता है जब घर की बेटियां दूसरे राज्यों में भी टॉप करती है. शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पुनेसरा गांव के संजीव कुमार की पुत्री राखी कुमारी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं की परीक्षा परिणाम में 98.2% अंक लाकर हरियाणा राज्य के अंबाला में टॉपर बनी. राखी हरियाणा के अंबाला स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल अंबाला कैंट में पढ़ाई करती थी और यहीं से यह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं की परीक्षा दी है और इन के परीक्षा परिणाम में सभी विषयों में A1 ग्रेड भी मिला है.राखी के इस उत्कृष्ट परिणाम से इनका ही नाम नहीं बल्कि इनके परिवार एवं प्रखंड तथा जिले का नाम भी हरियाणा मे गौरवान्वित हुआ है.राखी की यह प्रारंभिक उत्कृष्ट सफलता है. राखी आगे भी उत्कृष्ट सफलता के साथ 12वीं की परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी. उसके बाद इसे यूपीएससी का अधिकारी बनकर समाज सेवा का जज्बा है.
राखी बताती हैं कि AN IAS CAN CHANGE SOCIAL एक आईएएस ही समाज में बदलाव ला सकता है क्योंकि आईएएस के हाथों में बहुत ताकत होती है जो समाज का एक बेहतर तरीके से विकसित कर संचालन कर सकता है. राखी अपनी इस बेहतर परिणाम का श्रेय मां सुमन कुमारी एवं पिताजी संजीव कुमार के साथ-साथ गुरुजनों को देती हैं जिनके मार्गदर्शन में इन्होंने यह बेहतर परिणाम दिया है.
राखी के इस परिणाम को सुनकर गांव में परिवार वाले भी बधाई दे रहे हैं. परिवार वालों में पिंटू सिंह,शैलेंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, किशन अनुराग ,गोपाल कुमार ने इन्हें फोन कर बधाई दी और हमेशा इनके बेहतर भविष्य का कामना भी किया.
दूसरे राज्यों में बेहतर परिणाम देने वाले इस बेटी को लोग तहे दिल से बधाइयां दे रहे हैं और कह रहे हैं कि
“बेटियां म्हारो छोरों से कम है क्या”