लॉकडाउन में डीलर के द्वारा अनाज में कटौती कर लाभुकों के बीच सड़े चावल का किया जा रहा वितरण

नवादा
जनादेश न्यूज़ नवदा
गोविंदपुर, नवादा :- वैश्विक महामारी के कारण सरकार के द्वारा पूरे सुबह में लॉकडाउन लगाया गया है। जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ते जा रही है ।लॉकडाउन के दौरान लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं ।रोजगार समाप्त करके कई लोग बाहर से लौटे हैं तो कईयों का रोजगार लॉकडाउन के कारण बंद है ।ऐसी स्थिति में सरकार के सामने एक चुनौती है। सरकार का यह मंशा है कि कोई भूखा ना सोए। इन्हीं चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रवासी मजदूर, बिहारी श्रमिकों एवं गरीब लोगों को केंद्र सरकार के द्वारा दो माह एवं बिहार सरकार के द्वारा एक माह का अनाज मुफ्त में दिया जा रहा है। परंतु गोविंदपुर में कुछ डीलरों के द्वारा अनाज में कटौती कर सड़े हुए चावलों का वितरण किया जा रहा है। जिससे राशन कार्ड धारियों में पूरा आक्रोश है। बता दें कि मई महीने में प्रत्येक राशन कार्ड लाभुकों को 10 किलो अनाज मुफ्त में दिया जाना है। परंतु डीलर के द्वारा प्रत्येक लाभुक से 2 से 3 किलो अनाज कम दिया जा रहा है। साथ ही साथ डीलर के द्वारा लाभुकों के बीच सड़े हुए चावलों का वितरण किया जा रहा है। वहीं महादलित समाज के लाभुक बसंती देवी, तेतरी देवी फुलवा देवी, संगीता देवी, चांदो राजवंशी, विपिन राजवंशी, विनोद मांझी, मुन्ना मांझी ,उर्मिला देवी ,कुसुम देवी सहित सैकड़ों लाभार्थियों ने बताया कि डीलर के द्वारा प्रत्येक लाभुकों से 2 से 3 किलो अनाज की कटौती कर वितरण किया जा रहा है। साथ ही साथ सड़े हुए चावलों को दिया जा रहा है। करोना काल में लगाए गए लॉकडाउन में सरकार के द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों को भूख को मिटाने के लिए मुफ्त में अनाज दिया जा रहा है। वही सड़े गले हुए चावलों को कैसे खाए जाएगा। जिसे लेकर सभी लाभुकों में काफी आक्रोश है।‌
गोविंदपुर से कन्हाई चौधरी कि रिपोर्ट