रजौली (नवादा) प्रखंड मुख्यालय सहित मुख्य बाजार में ठेला संचालकों व दुकानदारों ने अपनी मनमर्जी से सड़क पर अतिक्रमण कर दुकानें सजा रखी हैं।जिससे शुक्रवार को करीब दो बजे मरीज को ले जा रहे एमबुलेंश घंटो जाम में फसी रही। पुलिस प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।पुलिस की कार्रवाई अब सिर्फ खानापूर्ति जैसे दिखने लगी है।बजरंगबली चौक व पुरानी बस स्टैंड पर लगने वाले ठेले व ऑटो अव्यवस्थित लगाना शुरू कर दिया है।जिससे बड़े वाहनों को निकलने में बड़ी परेशानी हो रही है।बजरंगबली चौक व पुरानी बस स्टैंड पर अपनी दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों पर रोजी-रोटी का संकट मंडरा रहा है।वह हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।वहीं दुकानदारों का कहना है कि ऑटो व टोटो यात्रियों को मुख्य मार्ग पर छोड़कर निकल जाती है।जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों का आवागमन नहीं होता है।ऐसे में दुकानदार करे तो क्या करें।हजारों रुपए की लागत लगने के बाद यह सोचकर दुकान संचालित की थी,बस स्टैंड पर यात्रियों का आवागमन बना रहेगा।जिससे परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे।लेकिन हालत सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं।रजौली प्रशासनिक अधिकारी के रवैया के कारण जगह-जगह दुकानदारों द्वारा सड़क पर अस्थाई अतिक्रमण कर अपनी सामग्री को सड़क पर फैला रखा है।जिस कारण आए दिन रजौली शहर में जाम जैसे हालात पैदा होते हैं और आम लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है।ग्रामीण विनय सिंह,पप्पू पांडेय,सुरेश यादव,दिलीप कुमार सहित आदि कई लोगों ने बताया कि रजौली शहर में सड़क के किनारे ठेले,ऑटो बीच सड़क पर लगा देने के कारण काफी देर तक जाम की समस्या हो जाती है।जिस समय स्कूलों में छुट्टी होती है।उस समय छोटे-छोटे बच्चे कई मिनटों तक जाम में फंसे रह जाते हैं।जिस कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।