त्वरित फैसला सुनाकर जज मानवेंद्र मिश्र ने रचा इतिहास,महज 9 दिन की सुनवाई में दुष्कर्मी को 3 वर्ष की सजा

नालंदा बिहार शरीफ
👉 संभवतः इतने कम समय में न्याय बिहार का पहला मामला
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : नालंदा जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने एक बार फिर से मात्र 9 दिनों की सुनवाई में दुष्कर्मी को त्वरित फैसला सुना कर इतिहास रच दिया. दरअसल 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में त्वरित फैसला सुनाया गया और यह फैसला संभवतः पूरे राज्य में पहला मामला है जब इतने कम समय में मामले का त्वरित निष्पादन हुआ है. घटना के वक्त आरोपित की उम्र 15 वर्ष 10 माह थी और किशोर होने के कारण उसे कानूनन कई रियायत मिली हुई है कोर्ट में 18 जनवरी से मामले की सुनवाई शुरू हुई और बीच में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवकाश भी था और 28 जनवरी को सजा सुना दी गई. अभियोजन पक्ष ने बताया कि किशोर आरोपी को आईपीसी की धारा 376,377 पॉस्को अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत दोषी करार देकर तीन-तीन वर्ष कारावास की सजा दी गई और यह सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.घटना बीते वर्ष 26 जुलाई की है लेकिन आरोपी किशोर न्यायालय में किशोर होने का दावा पेश किया उसके बाद जांच के बाद वह किशोर पाया गया. और 18 जनवरी से लगातार मामले की सुनवाई हुई और त्वरित निष्पादन करते हुए किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने 3 साल कैद की सजा सुनाई.