आय से कई गुना ज्यादा मालदार निकला बिजली विभाग का अफसर

नालंदा
 
जनादेश न्यूज़ पटना
 
पटना/समस्तीपुर।
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की बड़ी कार्रवाई में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेकानंद की काली कमाई का चौंकाने वाला राजफाश हुआ है। जांच में सामने आया है कि इंजीनियर ने अपनी वैध आय से 77.84 फीसदी ज्यादा अकूत संपत्ति जुटा ली है।
 
ईओयू की टीम ने मंगलवार को एक साथ छह ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें समस्तीपुर का कार्यालय, दानापुर का फ्लैट, सीवान का पैतृक आवास और अन्य ठिकाने शामिल थे।
 
 यूपी तक फैला निवेश, बिहार में आलीशान ठिकाने
 
जांच के दौरान टीम को गोरखपुर और वाराणसी में जमीन निवेश की जानकारी मिली। वहीं समस्तीपुर के शॉपिंग मॉल और दानापुर के फ्लैट से भारी मात्रा में दस्तावेज, बीमा पॉलिसी, बैंक डिटेल और जमीन–जायदाद के कागजात बरामद हुए।
सीवान स्थित एसबीआई शाखा में उनकी पत्नी बॉबी के नाम पर लॉकर की जानकारी भी हाथ लगी है, जिसे आगे की कार्रवाई में खोला जाएगा।
 
 फर्जी खातों का भी खुलासा
 
ईओयू ने पाया कि विवेकानंद ने एचडीएफसी बैंक में मेसर्स आया इंटरप्राइजेज और मेसर्स ग्रेस इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स नाम से खाते खोले थे, जिनसे उनकी पत्नी का पैन जुड़ा था। इसके अलावा ललन सिंह और विसर्जन सिंह के नाम पर भी खाते खोले गए, जिनमें उनका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज था।
इन खातों में पदस्थापना स्थल से बड़ी रकम कैश और यूपीआई से जमा की जाती थी और बाद में अपने या पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
 
 संपत्ति का आंकड़ा चौंकाने वाला
 
प्रारंभिक जांच के अनुसार विवेकानंद की ज्ञात आय लगभग 2.74 करोड़ रुपये है, जबकि उनके पास 4.87 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति पाई गई है। अनुमान है कि दस्तावेजों के गहन विश्लेषण के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
 
 सीवान से शुरू हुआ सफर, कई जिलों में पोस्टिंग
 
विवेकानंद मूल रूप से सीवान जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के संठी गांव के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2009 में सहायक विद्युत अभियंता के रूप में सेवा शुरू की थी और इसके बाद सहरसा, दलसिंहसराय, हाजीपुर, मोतिहारी, पूर्णिया, छपरा, रोहतास और पटना में तैनात रहे।
 
 आगे और बड़े खुलासे की संभावना
 
ईओयू का मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआती खुलासा है। आगे की जांच में और अघोषित संपत्ति व आर्थिक अनियमितताओं के सामने आने की पूरी संभावना है।