जनादेश न्यूज़ नेटवर्क
रजौली (नवादा) प्रखंड क्षेत्र में पारंपरिक तरीके से खेती करना छोड़ जिन किसानों ने आधुनिक पद्धति से खेती करना शुरू किया था।अब उनके लिए भी खेती महंगा साबित हो रही है।वर्तमान समय में खाद,बीज के दाम बढ़ने के साथ-साथ डीजल का दाम भी बढ़ गया है।इस कारण किसानों को खेती करना महंगा पड़ रहा है।जो किसान हल बैल से जुताई करते थे,उन लोगों ने ट्रैक्टर से खेतों की जुताई करनी शुरू की थी,लेकिन अब ट्रैक्टर से जुताई कर खेती करना सस्ता रहा।किसानों का कहना है कि डीजल का दाम बढ़ जाने से ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा खेत जुताई का रेट बढ़ा दिया गया है।एक घंटा जुताई के एवज में ट्रैक्टर मालिक के द्वारा 1200 रुपये लिए जा रहे हैं।
ट्रैक्टर की कीमत भी आसमान पर
जिन किसानों के पास अपना ट्रैक्टर है।उन्हें भी इससे जुताई करना महंगा पड़ रहा है।अब जो किसान पारंपरिक तरीके को अपनाते हुए हल-बैल से जुताई करना चाह रहे हैं उन्हें भी अब काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।क्योंकि हल-बैल से जुताई लगभग बंद हो गयी है।आज एक-दो किसान ही ऐसे हैं जो अभी भी अपने खेतों की जुताई हल-बैल के जरिए करना चाहते हैं।इधर बैल का दाम भी काफी बढ़ गया है।बाजार में 50 हजार रुपये तक में एक जोड़ा बैल की बिक्री की जा रही है।जिसकी खरीदारी करने के लिए सभी किसान सक्षम नहीं है।इसलिए चाह कर भी अब वह फिर से पारंपरिक खेती की ओर नहीं लौट पा रहे हैं।इन दोनों परिस्थितियों में किसान काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
खेती को लेकर चिंता में किसान
