रजौली (नवादा) प्राकृतिक की हसीन वादियों में रजौली बस हुआ है।चारों तरफ से जंगल और पहाड़ है।जंगल में वन औषधि का भंडार है।जंगल में पाए जाने वाला जंगली फल का रजौली बाजार में काफी डिमांड है।इस जंगल में विभिन्न जंगली फल भी मिलते हैं।जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।अभी भीषण गर्मी का समय चल रहा है।जिसमें जंगल में केंदू फल फला है।ये फल काफी फायदेमंद होता है।ये फल कई बीमारियों को दूर करता है।इस बार ये फल ग्रामीणों की आय को और भी बढ़ायेगा।रजौली के जंगली क्षेत्र में केंदू का फल पककर तैयार हो चुका है।लेकिन इसका फल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह बेहद स्वादिष्ट से भरपूर होता है।
सेहतमंद केंदू फल सेहत के लिए लाभकारी
केंदू फल एक जंगली फल है।ये फल मीठा होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है।इसमें मौजूद मिनरल और विटामिन कई गंभीर बीमारियों को दूर रखता है।केंदू का फल कई तरह के शारीरिक समस्याओं से लोगों को बचाता है।इसके सेवन से दस्त में लाभ मिलता है।ये फल गर्मी में लू से बचाता हैइस फल के पकने का समय जून माह तक है।केंदू का सेहतमंद फल अच्छी कीमत पर बिकता है।यही कारण है कि ये जंगली क्षेत्रों में लोगों की आय का साधन है।ग्रामीण हमेशा से ही केंदू के फलों को छोटे छोटे बाजारों में बेचते आ रहे हैं। क्योंकि केंदू फल में कॉपर,पोटेशियम, सोडियम,कैल्शियम,आयरन,जिंक, विटामिन ई,विटामिन के,विटामिन सी और सेलेनियम जैसे तत्व पाए जाते हैं।ये सभी तत्व स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक हैं।इसके फल और छाल का आयुर्वेदिक महत्व भी है।गर्मी के समय में केंदू का फल कच्चा पीसकर खिलाया जाता है तो इससे तुरंत दस्त भी बंद हो जाती है।डेलवा गांव निवासी पिंटू कुमार,रौशन सिंह बताते हैं की हमलोग केंदू के कच्चा फल को लेकर जंगल से आते हैं।घर में किसी के पेट में दर्द होने पर दवाई के लिए इसका फल और साथ में केंदू के पेड़ के छिलका का उपयोग करते है।जिसको पिलाने से दस्त बंद हो जाता है।चौथा गांव निवासी साधु यादव उर्फ गौतम ने बताया की जंगल में घूमने जाते हैं और केंदू का फल खाने जाते हैं।केंदू फल को तोड़ना भी आसान है।बड़ा सा पत्थर निचले भाग पर मारते ही पूरे पेड़ से फल गिर जाता है।रजौली बाजार में केंदू फल आते ही तुरंत बिक जाता है।