रजौली (नवादा) थाना क्षेत्र में दर्जनों सीएसपी संचालक द्वारा खाताधारकों से ठगी करने का मामला अक्सर सामने आ रहा है।खाताधारकों से ठगी के बाद वे पहले तो आसानी से मानते नहीं है।वहीं पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सीएसपी संचालक खाताधारक के हाथ-पैर जोड़कर ठगी के पैसे लौटाया जाता है।ताजा मामला धमनी गांव में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सीएसपी बैंक संचालक जितेंद राजवंशी द्वारा एक महिला से बीते दिनों ठगी कर उनके खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिया गया।बताया जाता है कि 13 जुलाई को फरका बुजुर्ग पंचायत की गंगटा गांव निवासी कमलेश यादव की पत्नी शोभा देवी दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सीएसपी धमनी से पैसा निकालने के लिए जब बैंक पहुंची,तब संचालक द्वारा उनसे फिंगर लगवा लिया गया।उसके बाद सीएसपी संचालक द्वारा बोला गया कि आपका खाता बंद है,अभी पैसा नहीं निकलेगा।साथ ही महिला को 10 दिन बाद आने को कहा गया।सीएसपी संचालक की बात सुनकर महिला अपने घर वापस आ गई।वहीं 7 अगस्त को अपना पैसा निकालने के लिए महिला फिर सीएसपी पहुंची।तब काउंटर में बैठा सीएसपी संचालक जितेंद्र राजवंशी ने बोला कि आपके अकाउंट में पैसे नहीं है।इसके बाद महिला एवं महिला के बेटे नीतीश कुमार द्वारा बैंक में हो-हल्ला करने लगा।उसके बाद महिला के बेटे ने 112 की पुलिस टीम को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही 112 की टीम धमनी के सीएसपी बैंक पहुंचकर संचालक जितेंद्र राजवंशी एवं खाताधारक महिला व उसके बेटे को थाने लेकर आयी।थाने में पूछताछ के बाद पुलिस के दबिश के कारण संचालक ने बताया कि मुझसे गलती से इस महिला का 10 हजार निकल गया था,जो मैं देने के लिए तैयार हूं।ओडी में बैठे पदाधिकारी ने महिला से बोला कि यदि आप प्राथमिककी दर्ज करेंगे,तो आवेदन लिख कर दें। किन्तु संचालक द्वारा महिला को पैसे दिए जाने के बाद महिला ने उसे कड़ी चेतावनी देकर माफ कर दिया।थाने में दोनों को सुलह होने के बाद छोड़ दिया गया।वहीं बुद्धिजीवियो की मानें तो आजकल सीएसपी वाले भोली-भाली ग्रामीणों से ठगी किया जा रहा है।कई मामले तो आपसी सुलह से सुलझ जाते हैं,तो कई मामले बैंक मैनेजर के केबिन और थाने तक पहुंचते हैं।अब बैंक मैनेजरों को ठगी में संलिप्त सीएसपी संचालकों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।