शेखपुरा सेफ्टी होम में बंद एक किशोर ने दूसरे किशोर के माता-पिता से फोन कर मांगी रंगदारी, जज ने मामले पर लिया संज्ञान शेखपुरा एसपी को जांच का आदेश

नालंदा शेखपुरा
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : नालंदा जिला किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र जिनके द्वारा किशोर मामले में कई चर्चित पर ऐतिहासिक फैसले के साथ साथ प्रेरक फैसले दिए गए ताकि विधि विरुद्ध किशोर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर खुद का विकास कर सके. नालंदा जिला किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र ने आज शेखपुरा सेफ्टी होम में बंद एक किशोर द्वारा दूसरे किशोर के माता-पिता से फोन कर रंगदारी मांगने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए शेखपुरा एसपी को पत्र लिखकर जांच का आदेश दिया है.
👉क्या है पूरा मामला….
नालंदा जिले के बेन थाना कांड संख्या 101/21 में नालंदा किशोर न्याय परिषद् के तीन किशोर प्लेस ऑफ सेफ्टी, शेखपुरा में दिनांक 20.07.21 से गैंग रेप के मामले में आवासित है. विधि विरूद्ध किशोर एस0 कुमार माँ आर0 देवी एवं आर0 कुमार की माँ पी देवी द्वारा किशोर न्याय परिषद् के समक्ष एक संयुक्त आवेदन दिया गया है कि उनके पुत्र को सेफ्टी होम, शेखपुरा में वहीं आवासित मोतिहारी के विधि विरूद्ध किशोर द्वारा शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा तीन हजार रू0 तत्काल रंगदारी के रूप माँग की जा रही है। सेफ्टी होम, शेखुपरा से ही मोबाईल नं0 7255Xxx662 के द्वारा आर देवी जो विधि विरूद्ध किशोर एस0 कुमार की माँ हैं के मोबाईल नं0 8294XXX744 पर एक मैसेज आया जिसमें खाता संख्या 35770212XXX3897,आई0एफ0एस0सी0 कोड UBIN0538770 अंकित था.पुनः उस मोबाईल से
कॉल कर धमकी दिया गया कि अपने बच्चे को अगर सेफ्टी होम,शेखपुरा में सुरक्षित रखना चाहते हो तो इस भेजे गए खाता संख्या में पैसा डालो अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो.
👉जज ने मामले पर लिया संज्ञान, शेखपुरा एसपी को जांच का आदेश
नालंदा जिला किशोर न्याय परिषद के न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र के समक्ष जब इस संबंध में सूचित करते हुए आवेदन दिया गया तत्काल श्री मिश्र ने शेखपुरा के एसपी को इस संबंध में जांच का आदेश दिया है… इस संबंध में किशोर न्याय परिषद से एक पत्र शेखपुरा एसपी को भेजा गया है जिसमें यह कहा गया है कि विधि विरुद्ध किशोर से संबंधित मामले में आपको उपर्युक्त विषय के संबंध में निर्देश दिया जाता है कि अपने स्तर से एक विशेष टीम गठित कर उक्त खाता संख्या एवं रंगदारी की माँग के लिए प्रयोग किये जा रहे मोबाईल नं0 तथा इसमें संलिप्त लोगों की जाँच कर विधि अनुकूल कार्यवाही सुनिश्चित
करें.सुरक्षित स्थान शेखपुरा, की आन्तरिक सुरक्षा की भी समग्र रूप से जाँच करें जिससे किशोर न्याय अधिनियम के उद्दश्यों को ध्यान में रखकर जिस सेफ्टी होम की स्थापना बच्चों के देखभाल संरक्षण,विकास, उपचार, सामाजिक पुर्णएकीकरण तथा बाल अनुकूल वातावरण की जो कल्पना की गयी आखिर वह किन परिस्थितियों की वजह से बालकों के सर्वोत्तम हित के अनुकूल नहीं है। विशेष टीम द्वारा यह भी जाँच की जाय कि अधीक्षक, सेफ्टी होम शेखपुरा तथा अन्य कर्मी क्या अपने कर्तव्यों का पालन सम्यक ढंग से नहीं कर रहे हैं.क्या बच्चे उनके समक्ष इन समस्याओं को रखने से घबराते हैं या उनके द्वारा इन समस्याओं को गंभीरता नहीं लिया जा रहा है.इस तरह के मामलों में क्या वहाँ के किसी स्टाफ द्वारा ऐसे विधि विरूद्ध किशोर को संरक्षण अथवा बढ़ावा तो नहीं दिया जा रहा है. इस संबंध में आपके द्वारा की गयी कार्यवायी संबंधी रिपोर्ट से 21 दिनों के अन्दर किशोर न्याय परिषद्, नालंदा को अवगत करायें.