शिक्षा के नाम पर खिलवाड़ उत्क्रमित उच्च विद्यालय और

जमुई
जनादेश न्यूज़ जमुई
जमुई(लकी अली): बिहार में शिक्षा का स्तर जगजाहिर है ऐसे में एक अजीब सा मामला सामने आ रहा है जो जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत  सिझौड़ी पंचायत के टाल सहरसा गांव में उत्क्रमित उच्च विद्यालय की हैं। विद्यालय की स्थापना 1963 ई में प्राथमिक विद्यालय के रूप में की गई थी। फिर सरकार के निर्देश पर इस प्राथमिक विद्यालय को वर्ष 2008 ई में प्रोन्नत करते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय के रूप में इसका दर्जा दिया गया। और फिर सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन ने कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय को 2015 ई में इसे उत्क्रमित उच्च विद्यालय के रूप में दर्जा दे दिया। सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा कार्यों पर प्राथमिक विद्यालय से मध्य विद्यालय का दर्जा तो दे दिया लेकिन इस विद्यालय में पढ़ाने के लिए शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई जो शिक्षक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक थे बस वही आज तक इस विद्यालय में कार्यरत हैं। ताजा हालात में उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाल सहरसा में कुल लगभग 500 छात्र छात्राएं नामांकित हैं। बता दे कि  उच्च विद्यालय टाल सहरसा में छह कार्यरत शिक्षक हैं जिनमें दो शिक्षक सिकंदरा प्रखंड कार्यालय में प्रति नियुक्त हैं जबकि एक शिक्षक मेडिकल ट्रेनिंग के लिए गए है। अब प्राथमिक विद्यालय को मध्य विद्यालय और मध्य विद्यालय को फिर कुछ विद्यालय का दर्जा तो दे दिया गया लेकिन विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक शिक्षिका नहीं भेजने के कारण यह विद्यालय सिर्फ कागजी प्रक्रिया बनकर रह गया है।