मूर्तिकारों के रोजगार पर लगा कोरोना ग्रहण ,मूर्ति बनाने में लगा लागत भी निकालना मुश्किल।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
बरहट(शशि लाल)विधा की देवी माँ सरस्वती का पर्व अगले महीने 5 फ़रवरी को मनाया जाएगा।पर्व का समय नजदीक आते ही मूर्तिकार ज्ञान की देवी मां सरस्वती की मूर्तियों के निर्माण में व्यस्त हो गए है।प्रखंड के मलयपुर बस्ती पर पांडो दुर्गा मंदिर के पास बरहट में बिधा के देवी मां सरस्वती की मूर्ति को बनाया जा रहा है।मलयपुर के मूर्तिकार मनोज पंडित ने बताया कि मेरे दादा स्व अन्छु पंडित ने पहले ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की मूर्ति बनाने का काम की शुरुआत किया था।उसके बाद पिता कृष्ण पंडित मूर्ति बनाने लगा। पिता के बाद अब हम लोग मां की मूर्ति को बना रहे हैं। लेकिन एक तरफ बढ़ती महंगाई और दूसरी तरफ कोरोना वायरस ने हम लोगों के रोजगार पर ग्रहण लगा दिया है। मां की प्रतिमा बनाने के लिए जो मिट्टी हम लोग 2 सौ रुपये टेलर खरीदते थे,अब वही मिट्टी 5 सौ रुपये ख़रीद कर विद्या की देवी मां सरस्वती की मूर्तियां को बना रहे हैं । मूर्ती सजावट के दामों में भी काफी बढ़ोतरी हो गई है। पहले हम लोग 100 से 200 तक मूर्ति बना कर असानी से बेच लेते थे।लेकिन कोरोना आने के बाद हम लोग का रोजगार ही चौपट हो गया है।अब तो100 मूर्ति बेचना भी मुश्किल हो गया। वहीं इस बार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सौ मूर्ति बनाए थे। जिसमें कि 50 मूर्ति का ही अभी तक ऑर्डर बुक हो पाया है। बरहट के मूर्तिकार चतुर्भुज पंडित ने कहा कि सरस्वती मां की एक मूर्ति की लागत 500 से लेकर 2 हजार रुपए तक आती है।लेकिन कोरोना संकट में लागत निकालना ।भी मुश्किल हो गया है।