मकर संक्रांति के अवसर पर महावीर जन्म स्थान व कुण्डघाट बना पिकनिक स्पॉट का बड़ा केन्द्र।

जमुई
जनादेश न्यूज़ जमुई
सिकन्दरा (प्रवीण कुमार दुबे) मकर संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार को सिकन्दरा प्रखंड क्षेत्र के दक्षिणी में स्थित पिकनिक स्पॉट का एक सबसे बड़ा केंद्र कुंडघाट व जन्म स्थान के जंगलों बनें जहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने जमकर पिकनिक का आनंद उठाया। इस दौरान भारी संख्या में लोग अपने दोस्त साथी और परिवार जनों के साथ पिकनिक मनाने जंगल पहुंचे। बता दें कि मकर संक्रांति के अवसर पर कुंडघाट व जन्म स्थान के जंगलों में पिकनिक मनाने की परंपरा कई दशकों से चलती आ रही है। जहां 1 जनवरी 15 जनवरी जैसे उत्सव पर लोग पिकनिक मनाने आते हैं। लेकिन खासकर इस स्थल पर सालो भर लोगों का जंगल में घूमने एवं पिकनिक के उद्देश्य से आना जाना लगा रहता है। वही शुक्रवार को कई जिले के लोगों के साथ साथ क्षेत्र से सटे सिकंदरा, अलीगंज, हलसी, खैरा, चेवाड़ा, कौवाकोल समेत आसपास के क्षेत्रों के लोग इस भागदौड़ एवं तनाव भरी जिंदगी से बाहर निकल 15 जनवरी को पिकनिक मनाने कुंडघाट व जन्म स्थान के जंगलों में पहुंचे हुये थे। पिकनिक के दौरान लोग जन्मस्थान व पहाड़ की तलहटी से सटे कुण्डघाट के जंगलों में अपनी पसंद के अनुरूप मटन, चिकन व शाकाहारी व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाते दिखे। वहीं पिकनिक मनाने वालों की टोली सुबह से ही पहाड़ की ओर जानी शुरू हो गई थी। पिकनिक जाने वाले अपने साथ भोजन की सामग्री के साथ-साथ मनोरंजन के लिए गाना बजाने व खेलने का प्रबंध भी किये हुए थे। पिकनिक स्थल पर लोग अपने-अपने परिवार व मित्रों के साथ टोलियों में बैठे संगीत की मधुर धुन पर झूमते हुए लजीज व्यंजनों का आनंद उठा रहे थे। इससे भी बेहतर आनंद उनको जंगल में लकड़ियां चुनकर और पत्थरों के चूल्हे पर व्यंजन बनाने में आ रहा था। बताते चलें कि सिकंदरा प्रखंड के लछुआड़ से 4 किलोमीटर की दूरी पर कुंडघाट व 22 किलोमीटर की दूरी जन्मस्थान तक लोग घने जंगलों के बीच सात पहाड़ पार कर प्राकृतिक सौंदर्य का दृश्य को देखकर काफी खुश होकर इस क्षेत्र का लुफ्त उठाते हैं। आज के इस मोबाइल के दौर में खासकर लोग सेल्फी लेने में नहीं चूकते हैं। जहां भी देखें महिलाएं बच्चे पुरुष फोटो क्लिक करने में काफी आनंदित होते हैं। ऐसे भी यहां स्थल ऊंची ऊंची पहाड़ियों घने जंगलों एवं भव्य डैम का जीर्णोद्धार से यह क्षेत्र काफी आकर्षक लगता है। वहीं जन्मस्थान में बन रहे भगवान महावीर के भव्य मंदिर जिसमें स्थापित 2600 साल पुरानी भगवान महावीर की प्रतिमा का दर्शन करने यहां देश-विदेश से पर्यटको का जत्था पहुंचने से यह क्षेत्र जिला नहीं बल्कि अपने बिहार राज्य को गौरवान्वित करता है। 15 जनवरी के मौके पर हजारों की संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचे और भगवान महावीर का दर्शन भी किए।