भाई बहन के सबसे पवित्र पर्व रक्षा बंधन आज।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
सिकन्दरा(प्रवीण कुमार दुबे)रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वर्ष 2020 में यह 3 अगस्त, के दिन मनाया गया यह पर्व भाई बहन के रिश्तों की अटूट डोर का प्रतीक है। भारतीय परम्पराओं का यह एक ऎसा पर्व है, जो केवल भाई बहन के स्नेह के साथ साथ हर सामाजिक संबन्ध को मजबूत करता है। इस लिये यह पर्व भाई-बहन को आपस में जोडने के साथ साथ सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व भी रखता है।रक्षा बंधन के महत्व को समझने के लिये सबसे पहले इसके अर्थ को समझना होगा। “रक्षाबंधन ” रक्षा+बंधन दो शब्दों से मिलकर बना है।इसका अर्थ एक ऐसा बंधन जो रक्षा का कवच भाई के लिए हो। इस दिन भाई अपनी बहन को उसकी दायित्वों का वचन अपने ऊपर लेते है।रक्षा बंधन का पर्व विशेष रुप से भावनाओं और संवेदनाओं का पर्व है।एक ऐसा बंधन जो दो जनों को स्नेह की धागे से बांध लेता है। रक्षा बंधन को भाई बहन तक ही सीमित रखना सही नहीं होगा। बल्कि ऐसा कोई भी बंधन जो किसी को भी बांध सकता है।भाई बहन के रिश्तों की सीमाओं से आगे बढ़ते हुए यह बंधन आज गुरु का शिष्य को राखी बांधना, एक भाई का दूसरे भाई को, बहनों का आपस में राखी बांधना और दो मित्रों का एक-दूसरे को राखी बांधना, माता-पिता का संतान को राखी बांधना हो सकता है। आज के परिपेक्ष्य में राखी केवल बहन का रिश्ता स्वीकारना नहीं है। अपितु राखी का अर्थ है, जो यह श्रद्धा व विश्वास का धागा बांधता है। वह राखी बंधवाने वाले व्यक्ति के दायित्वों को स्वीकार करता है। उस रिश्ते को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश करता है।