बूंद बूंद शुद्ध पेयजल को तरस रहे है निचली महुली गांव वासी।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
गिद्धौऱ(अजित कुमार यादव)राज्य सरकार सूबे में निचले पायदान पर रहने वाले लोगों को विकास के पायदान से जोड़कर हर स्तर पर उन्हें सुख सुविद्या मुहैया कराने के लिए सतत प्रयत्नशील है।लेकिन इन दिनों सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं से जुड़े सरकारी राशि मे हो रहे बंदरबांट ने विकास के नाम पर हो रहे लूट खसोट की पोल खोलकर रख दी है। बताते चलें कि सरकार ने सूबे के पंचायतों में आम लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत नल जल योजना की शरुआत की थी। जो इन दिनों गिद्धौऱ प्रखंड में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर रह गया है। जिसका ताजा उदाहरण गिद्धौर प्रखंड के कोल्हुआ पंचायत के वार्ड नम्बर 04 निचली महुली गांव में पीएचईडी विभाग द्वारा निर्मित नल जल मीनार को देखकर इसका अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। इस वार्ड में सरकार के सात निश्चय योजना से लाखों रुपये खर्च कर वार्डवासी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए यह योजना यहां लगायी गयी थी। जिससे एक बूंद भी पानी नही टपक रहा। वहीं पानी की टंकी भी टूट गया है।जिसको लेकर शनिवार को निचली महुली गांव वासी ने शुद्ध पेयजल हेतु विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।कोल्हुआ पंचायत के वार्ड चार निचली महुली गांव के लोगों का कहना है कि वार्ड संख्या चार में लाखों रुपये खर्च कर बनाये गए नल जल मीनार योजना के खटाई में पड़ जाने के मामले को लेकर वार्ड के ग्रामीण राजकुमार साव, महादेव साव, सुजीत कुमार, शिव मंडल, प्रकाश साह, सुरेंद्र मंडल, जयहिंद शर्मा, सूचित कुमार, कारू ठाकुर, विशुनदेव शर्मा, कैलाश शर्मा, राजकुमार शर्मा, जयकिशोर साव आदि बताते हैं कि यह जल मीनार पीएचईडी विभाग के संवेदक द्वारा बनवाया गया था। लेकिन शुरुआती दौर में ही यह नवनिर्मित जलमीनार हम ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया पानी टंकी भी महीनों से टूटा पड़ा हुआ है। जिसके कारण पानी का सप्लाय बंद पड़ा हुआ है। खैर जो भी हों इन दिनों गिद्धौर प्रखंड में पीएचईडी विभाग एवं उनके संवेदक के आपसी सांठ गांठ से यहां मुख्यमंत्री जल नल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर रह गया है। और लोग आज भी शुद्ध पेयजल को लेकर तरस रहे हैं। कनिय अभियंता पीएचईडी विभाग के जे ई ई रंजीत कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि अविलंब पानी टंकी को दुरुस्त करा वाटर सप्लाई चालू करवा दी जाएगी।