रजौली (नवादा) प्रखंड क्षेत्र में बदलते मौसम में कभी बरसात और धूप से मौसमी बीमारी बढ़ जाती है।मसलन सर्दी,खांसी और बुखार की चपेट में अधिकांश लोग आ जाते हैं।तीन दिनों से अच्छी बारिश हो रही थी,लेकिन पिछले पांच दिनों से उमस भरी गर्मी से लोग परेशान के साथ-साथ बीमार भी हो रहे हैं। प्रत्येक घरों में भी सर्दी खांसी और वायरल बुखार के मरीज मिलना आम बात हो गयी है।अनुमंडलीय अस्पताल रजौली के चिकित्सक श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। कभी बारिश हो जाती है तो कभी तेज धूप रहता है।इस बदलते मौसम में लोग वायरल डिजीज ज्यादा होता है।ऐसे मौसम में अनुमंडलीय अस्पताल में आउटडोर में बीस फीसदी ऐसे रोगी होते हैं,जिन्हें सर्दी खांसी और बुखार की परेशानी होती है।इनमें कई को गले में दर्द की अनुभूति होती है।इनके अलावा इस मौसम में चर्म रोग की शिकायत लिए भी कई रोगी आते हैं।इनमें पैर में चकता,एक्जीमा,शरीर नोचना आदि की शिकायत लिए आते हैं।चिकित्सक बताते हैं कि बारिश होने की वजह से अभी के समय में खाने पीने के साथ साथ पानी से जुड़ी बीमारी भी ज्यादा होती है।मसलन डायरिया,उल्टी,पेट खराब की शिकायत,टाईफाइड की परेशानी लिए रोगी भी आते हैं।ऐसे समय में खान पान में जरा सा उलटफेर हो जाने की स्थिति में पेट की शिकायत से जुड़े कई दिक्कतें खड़ी हो जाती है।इस मौसम में वेक्टर बोर्न डिजीज में मलेरिया,डेंगू कालाजार की शिकायत भी ज्यादा होती है।हालांकि अभी ऐसे मरीज कम आते हैं।लेकिन इस मौसम में इन बीमारियों से बचे रहने की जरूरत है।चिकित्सक का मानना है कि इन समयों में लोगों को बारिश से लेकर खान पान में ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है।ऐसे रोगियों के लिए सामान्य स्थिति में उन्हें जरूरी जांच वगैरह लिखने के बाद आवश्यक दवा दी जाती है।विशेष दिक्कत होने की स्थिति में उन्हें भर्ती कर दिया जाता है।इमरजेंसी में आने वाले रोगी को 24 घंटे इमरजेंसी सेवा और सामान्य स्थिति में आने वाले मरीज को आउटडोर में देखा जाता है।
बरसात के मौसम में बचाव में क्या करें उपाय
चिकित्सक डॉ दिलीप कुमार ने कहा कि इस मौसम में विशेष सावधानी में साफ-सफाई के साथ खानपान पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है।मौसम में पानी शुद्ध पीयें।भोजन गर्म और शुद्ध करें।बाहर के खान पान से परहेज करें।किसी भी तरह के फलों को घर लाने पर पानी में धोयें। सब्जी को भी पानी में धोयें।अभी के मौसम मे साग का उपयोग बड़ी सावधानी से करें।इससे इन्फेक्शन हो सकता है।इसकी साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।मिर्च मसाला का कम उपयोग करें।बीमारी से बचे रहने के लिए सावधानी बनाए रखें।विशेष परेशानी होने की स्थिति में चिकित्सक से सलाह लें।