नालंदा : नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शेरपुर में बंद पड़े पूर्व मुखिया के घर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से चोरी के गहने, नकदी और एक अपाची मोटरसाइकिल बरामद की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को शेरपुर गांव में पूर्व मुखिया के बंद पड़े घर में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस संबंध में अस्थावां थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एसआईटी टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और मानवीय स्रोतों के आधार पर छानबीन शुरू की।
जांच के दौरान 21 मार्च 2026 को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। बिहार थाना क्षेत्र के सुंदरगढ़ मोहल्ले से दो संदिग्धों नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लंगडी बीघा गांव निवासी अयोध्या सिंह के पुत्र राजू सिंह और रंजीत यादव के पुत्र सौरभ कुमार उर्फ सोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर दोनों के घर से चोरी का बेचे गए सामान का रुपया और मोटरसाइकिल बरामद किया गया तथा सोना को खरीदने वाले दुकानदार को नवादा एवं नालंदा से अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई।
इसके बाद पुलिस ने मामले में संलिप्त बिहार थाना क्षेत्र के नीम गंज मोहल्ला निवासी हीरालाल वर्मा के पुत्र गोपाल वर्मा, नवादा जिले के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी बाजार निवासी ओमप्रकाश का पुत्र सरजू कुमार और नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लंगडी बीघा गांव निवासी टूटू सिंह की पत्नी जूही सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। जूही सिंह पर चोरी के जेवरात खरीदने का आरोप है। सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों के पास से ₹1.90 लाख नकद, एक अपाची मोटरसाइकिल,सोने का मंगलसूत्र
,सोने की अंगूठी,सोने का बिस्किट,चांदी का पायल बरामद किया गया
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बंद घरों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। इस खुलासे के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि घर बंद छोड़ने से पहले आसपास के लोगों और स्थानीय थाना को सूचित करें, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
छापेमारी दल में अस्थावां थाना के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उत्तम कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंहा,DIU प्रभारी इंस्पेक्टर आलोक कुमार, दारोगा चंदन कुमार एवं सशस्त्र बल शामिल रहे,जिनकी तत्परता से इस मामले का सफल खुलासा संभव हो पाया।