पूर्णाडीह में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
लक्ष्मीपुर(राम रतन पाण्डेय / अजय कुमार झा) प्रखंड अंतर्गत बैजू स्पोर्टिंग क्लब मैदान पूर्णाडीह में संथाल सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति लक्ष्मीपुर बरहट के तत्वाधान में विश्व आदिवासी दिवस बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक सह समाजसेवी श्याम टुडू ने किया तथा मंच संचालन का कार्य मटिया पंचायत के पूर्व मुखिया अरुण हॉसदा ने किया।इस कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष रामजी मुर्मू, बाबूलाल हेंब्रम, मोहनपुर सरपंच रामदास मरांडी, कृष्णा हेंब्रम,नारायण हेंब्रम द्वारा संयुक्त रुप से वृक्षारोपण का भी कार्य किया गया।सभी आदिवासी समाज जानते हैं की 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है।विश्व भर में आदिवासी के अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय कार्य दल का गठन किया गया था।जिसकी प्रथम बैठक 9 अगस्त 1982 को जेनेवा में संपन्न हुआ था और 9 अगस्त 1994को प्रतिवर्ष आदिवासी दिवस के रूप में मनाने के लिए घोषणा की गई।जिसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों के मानव अधिकार पर्यावरण शिक्षा स्वास्थ्य आर्थिक एवं सामाजिक विकास के मुद्दों को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष श्याम टुडू ने विश्व आदिवासी दिवस की महत्ता के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी आदिवासी को संगठित रहने की बात कही। समिति के अध्यक्ष रामजी मुर्मू ने बताया कि जल जंगल जमीन के प्रति सरकार की ओर से अधिकार दिया गया है। परंतु धरातल पर लागू नहीं हो रहा है। सरकार से आग्रह है कि आदिवासियों के अधिकार को धरातल पर लागू किया जाए। आदिवासी का आरक्षण 1% से बढ़ाकर 5% किया जाए।संयोजक सुमन कुमार मरांडी ने आदिवासी समाज को अपने हक और अधिकार के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। जनगणना में आदिवासी को हिंदू धर्म नहीं लिखने की बात कही। समिति के मीडिया प्रभारी सुरेश हेंब्रम ने कहा की आदिवासी दिवस के रूप में बिहार में 1 दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।कार्यक्रम में मुख्य रूप से लक्ष्मीपुर प्रमुख के पति बीरबल टू डू,रमेश मरांडी, नारायण हेंब्रम विष्णु देव हॉसदा,जगदीश मरांडी लोकेश हसदा,देव शरण मरांडी, राजेश मरांडी,विजय मरांडी,स्टीफन सोरेन एवं अन्य आदिवासी समाज उपस्थित थे।