परिवार विकास संस्था में जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।

जमुई
जनादेश न्यूज़ जमुई
गिद्धौर (अजित कुमार) स्वयंसेवी संस्था परिवार विकास द्वारा चाइल्ड फंड इंडिया के सहयोग से संस्था चंद्रशेखर नगर में बुधवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।आयोजित कार्यशाला में बच्चों की शिक्षा पर परिचर्चा की आयोजित की गयी।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शिक्षा समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा विभाग के प्रखंड एवं जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत कराना व बच्चों की शिक्षा समस्याओं का समाधान किया जाना है।इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव भावानंद जी ने कहा कि कोरोना काल के बाद बच्चों की शिक्षा सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।इसमें बच्चों की शिक्षा का क्रम टूटा और इस वजह से बच्चों को पढ़ने में काफी कमजोर हो गए हैं। ऐसे में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत है और इसके लिए शिक्षा विभाग, पंचायत प्रतिनिधि एवं विद्यालय प्रबंधन समिति तथा अभिभावकों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। गुगुलडीह पंचायत के नव निर्वाचित मुखिया बलराम सिंह ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है।उन्होंने बच्चों की शिक्षा को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के योगदान को महत्वपूर्ण और प्रभावी बताया। वहीं संस्था के शिक्षा समन्वयक कपिलदेव यादव ने संस्था द्वारा संचालित बेसिक बिल्डिंग मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि इस मॉडल में खेल कविता,कहानी, चित्रांकन, रचनात्मक कार्य बच्चों से कराया जाता है और इसके सकारात्मक परिणाम भी आने लगे हैं साथ ही बच्चों के लिए काफी मनोरंजक है।कार्यक्रम में बच्चों ने लॉकडॉउन के बाद स्कूल खुलने के उपरांत स्कूली शिक्षा में आ रही समस्याओं को रखा जिसमें वर्गवार पठन पाठन का अभाव स्कूल में मन नहीं लगना, शिक्षा क्रम का अनियमित होना मध्यान भोजन नहीं मिलना, शौचालय एवं परिसर में स्वच्छता का अभाव, पढ़ाई में बच्चों का कमजोर होना इत्यादि पैनल में बैठे अतिथियों ने सुना और इसके समाधान के लिए बच्चों को संगठित रूप से स्कूल प्रबंधन के समक्ष अपनी बातों को रखने का सुझाव दिया. इस मौके पर संस्था के कपिलदेव यादव, उपेंद्र यादव,रंजीत पांडेय, रुदल पंडित,पिंकी कुमारी सहित गिद्धौर प्रखंड के पतसंडा सेवा एवं पूर्वी गुगुलडीह पंचायत के अलावे बरहट प्रखंड के गुगुलडीह पंचायत के दर्जनभर से भी अधिक बच्चे व बुद्धिजीवी कार्यक्रम में मौजूद थे.