बिहारशरीफ (राजीव रंजन कुमार) : नालंदा जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.रमेश चंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला न्यायालय बिहारशरीफ में मॉनिटरिंग सेल की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ डीएम, एसपी, सिविल सर्जन, डीएफओ, बिहारशरीफ और हिलसा के जेल अधीक्षक, नगर आयुक्त, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक में विभिन्न न्यायिक विषयों, न्यायपालिका,प्रशासन एवं पुलिस के मध्य संबंध तथा अन्य चीजों को विस्तार से लेकर चर्चा की गई. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य समस्याओं के अतिरिक्त इस बैठक में विशेष रुप से निर्णय लेते हुए निर्देश दिया गया कि वर्ष 2000 से पहले के दीवानी और फौजदारी दोनों प्रकार के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर मुकदमों का निष्पादन किया जाएगा. बैठक में यह निर्देशित किया गया कि वर्ष 2000 से पहले के मुकदमों की सुनवाई में जिन पदाधिकारी की जो भूमिका है वह अपनी भूमिका को अच्छी तरह से निभाएंगे.
👉वर्ष 2021 के अंत तक 2000 के पहले के लगभग 1300 मामलों के निष्पादन का है लक्ष्य
मॉनिटरिंग सेल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2000 के पहले के फौजदारी और दीवानी दोनों प्रकार के मामलों का निष्पादन किया जाएगा. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय में वर्ष 2000 से पहले के लगभग 1300 मुकदमे लंबित हैं. जिसमें 250 सेशन न्यायालय में लंबित मुकदमा है जबकि 1050 के करीब चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट एवं मजिस्ट्रेट अदालत में लंबित है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला जज डॉ. रमेश चंद्र द्विवेदी ने मॉनिटरिंग सेल की बैठक में न्यायिक पदाधिकारियों एवं जिले के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए वर्ष 2021 के अंत तक वर्ष 2000 के पहले के लगभग 1300 मुकदमों का दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर निष्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
मॉनिटरिंग सेल की इस बैठक में न्यायिक पदाधिकारी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कन्हैया जी चौधरी, नालंदा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम प्रभाकर झा, प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कौशल किशोर के अलावे, नालंदा DM योगेंद्र सिंह, एसपी हरिप्रसाथ एस, डीएफओ डॉक्टर के नेसामनी, सिविल सर्जन सुनील सिंह, बिहारशरीफ नगर निगम के आयुक्त अंशुल अग्रवाल, बिहारशरीफ और हिलसा जेल के अधीक्षक के अलावे जिले के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.