ज्ञानी की बरामदगी ना होने पर मां ने लगाई डीआईजी मनु महराज से गुहार न्याय के लिए भटक रही है मां

जमुई
जनादेश न्यूज़ मुंगेर
मुंगेर (ब्युरो गौरव कुमार मिश्रा) : बरियारपुर थाना क्षेत्र के गांधी पुर की रहने वाली रंजो देवी ने अपने पुत्र ज्ञानी कुमार के गायब हुए 11 महीने के बाद भी पुलिस द्वारा बरामद ना करने के कारण डीआइजी मनु महाराज के पास अपना गुहार लगाई ।डीआईजी को दिए आवेदन में उन्होंने कहा कि मैं रंजो देवी पति रविंदर सिंह गांधी पुर बरियारपुर की निवासी हूं ।मेरा पुत्र ज्ञानी कुमार का अपहरण नवंबर 2018 में रेशम कुमारी ने बुलाकर अपने परिजनों की मदद से गायब कर दिया है ।इस संबंध में बरियारपुर थाना कांड संख्या 157 /18 दर्ज किया गया है। जिसमें मुन्ना सिंह ,किरण देवी शुभम कुमार ,शोभा देवी सभी फुलकिया ,बरियारपुर तथा ईश्वर ठाकुर एवं बासुकी ठाकुर मोहना चांदपुर कटिहार को नामजद अभियुक्त बनाया गया। उक्त कांड में किरण देवी को बरियारपुर थाना में गिरफ्तार किया एवं मोबाइल लोकेशन तथा सीडीआर के अनुसार अपहरण घटनास्थल खजांची हाट पूर्णिया जहां गुलशन कुमार ,रेशम कुमारी एवं ज्ञानी कुमार का अंतिम लोकेशन मिला ।गुलशन कुमार को कटिहार मंडल कारा से रिमांड पर लिया गया ।दिनांक 19 सितम्बर 2019 को जब वे गवाही के लिए न्यायालय गई थी अपने छोटे पुत्र शुभम के साथ तो मुंगेर बस स्टैंड में मैंने रेशम कुमारी ,मुन्ना सिंह ,शुभम कुमार ,शोभा देवी एवं किरण देवी को बस स्टैंड में देखी। जिसकी जानकारी बरियारपुर थाना प्रभारी को दिया तो थाना प्रभारी बोले अभी फुर्सत नहीं है एक ही केस सब दिन देखेंगे क्या ?अपने आवेदन में रंजो देवी ने कहा कि उक्त अपराधी 11 महीनों से फरार चल रहा है और यह लोग बरियारपुर नौवागढ़ी इलाके में रह रहे हैं ।इसके बावजूद बरियारपुर थाना इसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। मामला ऑनर किलिंग का है। रेशम कुमारी के परिजन ज्ञानी कुमार को जान से मार दिया है ।इसलिए कि ज्ञानी कुमार से रेशम कुमारी का प्रेम प्रसंग था ।शम कुमारी ऊंची जाति की थी और ज्ञानी कुमार छोटे जाति का था ।मां ने डीआईजी से निवेदन किया है कि सभी अपराधी 11 महीने से फरार हैं ।उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी किया जाए एवं कांड का खुलासा हो सकें। उन्होंने कहा कि अभी तक मेरे पुत्र का शव भी बरामद नहीं किया गया ।यह लोग मेरे तथा परिवार को भी जान से मार सकते हैं। इसलिए कांड में गवाही के दिन हमें बरियारपुर से मुंगेर न्यायालय तक जाने के लिए सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए।