जिले के कई पंचायत में सरकार की महत्वाकांक्षी जल नल योजना पूरी तरह विफल।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
चकाई (अमित कौशिक/रोहित कुमार) प्रखंड के पोझा पंचायत के धमना गांव में बिहार सरकार की एक अति महत्वकांक्षी योजना जल नल योजना जो कि सरकार के लिए एक अति महत्वपूर्ण योजना थी जिसमें सरकार द्वारा हर घर में पानी देने की बात की गयी थी। लेकिन कुछ दलाल और बिचौलियों के कारण यह योजना चकाई प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के गांव में महज हाथी का दांत बनकर रह गई है। अगर पूरे प्रखंड में जल नल योजना का सर्वे करा लें तो निश्चित रूप से कम से कम अस्सी प्रतिशत यह जल नल की योजना फ्लॉप मिलेगी। जहां लोग पानी के एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। लेकिन इस विभाग के पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को तनिक भी ना किसी का भय है और ना ही किसी का डर।इससे साफ जाहिर होता है कि इस योजना में रुपयों का जमकर बंदरबांट हुआ है। और जल नाल का काम भगवान भरोसे हुआ है।इसका जीता जागता उदाहरण पोझा पंचायत के धमना गांव का है जहां 15 से 20 लाख रुपए खर्च करके हर घर घर में पानी देने की बात थी। लेकिन महज 15 दिनों में मामला टॉय टॉय फिस हो गया और आज 6 महीने से ग्रामीण पानी का गुहार लगा रहे हैं। लेकिन आला अफसरों के कान मे जू तक नहीं रेग रहा हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि ऊपर से नीचे तक रुपयों का बंदरबांट किया गया है।जरूरत है सरकार पूरे बिहार में जल नल योजना की जांच करा लें इससे बड़ा घोटाला शायद उसे नहीं मिलेगा।सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना घर घर में पानी देने की बात थी लेकिन आज पानी तो दूर की बात है उसमें पानी की बूंद तक नजर नहीं आती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण रोज अफसरों के पास आते हैं शिकायत करते हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है।यह आश्चर्य है। यहां के जनप्रतिनिधि को भी कोई फिक्र नहीं है। लोग पानी के लिए त्राहीमाम है यहाँ के सांसद और विधायक भी बिल्कुल ही संवेदनशील नही है। ऐसे में साफ जाहिर होता है कि इन्हें भी जनता की कोई चिंता नहीं है। वही ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि मुखिया एवं वार्ड आयुक्त की बात किया जाए तो उन्हें भी अपने ग्रामीणों की चिंता नहीं है।और वह भी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं लेते हैं। जिसका परिणाम है कि ग्रामीण हर जगह से थक हार कर चुपचाप घर में बैठ जाते हैं। अगर सही समय पर अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नही उठाया गया तो या ग्रामीण प्यासे रह जाएंगे या फिर गंदे पानी पीकर बीमार होने को मजबूर होंगे।