जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के कार्यों की की समीक्षा

नालंदा
 जनादेश न्यूज़ नालंदा
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जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह ने आज हरदेव भवन सभागार में आहूत बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
प्रारंभिक शिक्षक नियोजन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि मात्र 81 पंचायत नियोजन इकाइयों द्वारा अंतिम मेधा सूची जिला के एनआईसी वेबसाइट पर अपलोड कराया गया है। जिलाधिकारी ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मंगलवार तक सभी पंचायत नियोजन इकाइयों के अंतिम मेधा सूची को वेबसाइट पर अपलोड कराने का स्पष्ट रूप से निदेश सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को दिया।अंतिम मेधा सूची के प्रकाशन में अनावश्यक विलंब को लेकर उन्होंने बेन, बिहार शरीफ,अस्थावां एवं परवलपुर को छोड़कर शेष सभी प्रखंडों के बीईओ के वेतन निकासी पर रोक लगाने का निर्देश दिया। मंगलवार तक सभी नियोजन इकाइयों के अंतिम मेधा सूची को वेबसाइट पर अपलोड नहीं कराने की स्थिति में संबंधित प्रखंड के बीईओ के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना, मुख्यमंत्री बालक/ बालिका प्रोत्साहन योजना तथा कन्या उत्थान योजना के तहत सभी छात्र-छात्राओं के लंबित अकाउंट अपडेशन का कार्य अविलंब सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
मध्याह्न भोजन के तहत सभी पात्र छात्र-छात्राओं के बीच चावल वितरण कराया जा रहा है। प्रत्येक माह के लिए चावल का अद्यतन वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्याह्न भोजन को दिया गया।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार निर्वाचन कार्य में तैयार किए गए कर्मियों के डेटाबेस के आधार पर प्रत्येक कर्मी के लिए सृजित किए गए यूनिक पिन उपलब्ध कराने पर ही नवंबर माह के वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के कुछ शिक्षकों का गलत पिन वेतन विपत्र में दिए जाने के कारण वेतन के भुगतान में अनावश्यक विलंब हुआ है। जिलाधिकारी ने डीपीओ स्थापना को एनआईसी से सभी कर्मियों का डेटाबेस प्राप्त कर वेतन विपत्र समर्पित करने से पूर्व सत्यापित करने का निर्देश दिया। वेतन भुगतान में अनावश्यक विलंब को लेकर जिलाधिकारी ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीपीओ स्थापना से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनके वेतन निकासी पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
एचआरएमएस प्रणाली के तहत सभी कर्मियों के सर्विस बुक को ऑनलाइन डिजिटल किया जा रहा है। इस कार्य को अविलंब पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
जिला में किसी भी विद्यालय/ कार्यालय में प्रतिनियुक्त सभी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को विधिवत अविलंब निरस्त करने का निर्देश जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया। प्रतिनियुक्ति निरस्त होने के उपरांत मूल पदस्थापन विद्यालय/ कार्यालय में योगदान का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में किसी भी प्रतिनियुक्त शिक्षक के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।