चीनी मिल की भूमि पर गन्ना आधारित इथनॉल फैक्ट्री खोलवाने की दिशा में आगे बढ़ी वारिसलीगंज विधायक अरुणा देवी

नवादा
जनादेश न्यूज़ नवादा
वारिसलीगंज : करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी वारिसलीगंज चीनी मिल की परती भूमि पर गन्ना आधारित इथनॉल प्लांट लगवाने की दिशा में स्थानीय विधायक अरुणा देवी ने कदम बढ़ा दी है।
इन्होंने उद्योग मंत्री बिहार सैय्यद शाहनवाज हुसैन से मिलकर उक्त मांग का ज्ञापन सौंपी है।
जिसमें कहा गया है कि वारिसलीगंज चीनी मिल 1993 से बंद है। जिससे किसानों मजदूरों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। यहां गन्ना आधारित इथनॉल फैक्ट्री लगने से किसानों मजदूरों को काम रोजगार मिलेगा और आर्थिक समृद्धि आएगी। मिल के पास 66 एकड़ जमीन है। इलाके में गन्ना की पर्याप्त खेती होती है। ऐसे में चीनी मिल की भूमि पर अविलंब गन्ना आधारित इथनॉल प्लांट लगाया जाए।
बता दें की 1992_93 पेराई सत्र के बाद वारिसलीगंज चीनी मिल को घाटा दिखाकर बंद कर दिया गया था। तब से विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा बनता रहा है। एमपी_एमएलए बन जाते है, सरकारें बदल जाती है, लेकिन यह मुद्दा जहां का तहां खड़ा रहता है।
2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान वोट मांगने आए तब के भाजपा के पीएम उम्मीदवार और वर्तमान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस चीनी मिल की चर्चा अपने भाषण में की थी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी चुनावी रैलियों में इसे उछालते रहे, लेकिन स्थिति जस की तस है।
अब तो इस भूमि को बिहार सरकार बियाडा को सौंप दी है। फिर भी विधायक का इथनॉल प्लांट का पहल एक नई उम्मीद जगा रहा है। देखना है प्रयासों का नतीजा क्या होता है।