इसके बाद सैकडों लोगों ने हाथों हाथ द्वीप से द्वीप जलाकर सामूहिक दीपोत्सव पर्व मनाया। तत्पश्चात जगमग दीपों को साक्षी मानते हुए यहां के लोगों ने देवभूमि गंगरा की विरासत की हिफाजत करने का संकल्प लिया एवं एक दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बाबा दरबार से धर्म की जय हो,अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सदभावना हो, विश्व का कल्याण हो आदि गगन भेदी सामूहिक उद्घोष ने उपस्थित लोगों के अन्तःमन को पवित्र बना दिया। एक मान्यता के अनुसार 



