कोरोना जैसी महामारी भी नही कर सका भाई बहन की डोर को कमजोर।

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
लक्ष्मीपुर(आशीष कुमार झा)इस कोरोना महामारी के बिच भाई बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन मनाया जा रहा है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस योग में इस बार रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा हैं ऐसा शुभ संयोग पिछली बार वर्ष 1991 में आया था।इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त पूरे दिन के लिए हैं।भद्रा काल के खत्म होने के बाद सुबह 08:28 से लेकर रात 08:20 तक बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं। इस बार राखी पर पूर्णिमा तिथि के साथ-साथ शनि का सप्तक योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सोमवती पूर्णिमा, श्रवण नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, आयुष्मान योग और प्रीति योग भी हैं।ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस वर्ष राखी पर भद्रा बहुत ही आंशिक हैं। जिस वजह से पूरा दिन राखी बांधी जा सकती हैं ।इस बार राखी पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ दीर्घायु आयुष्मान योग भी हैं।रक्षाबंधन पर सूर्य शनि समसप्तक योग होने से भी रक्षाबंधन का शुभ फल मिल सकता हैं। रक्षाबंधन के दिन आयुष्मान दीर्घायु योग होने से भाई-बहन की उम्र लंबी हो जाएगी, इसके अलावा ऐसा बहुत ही कम होता हैं कि सावन के दिन रक्षाबंधन का पर्व हो और इस बार रक्षाबंधन सावन के आखिरी सोमवार को ही है  कोरोनाकाल में रक्षाबंधन मनाने के लिए बहुत से भाई-बहन संभव है कि इस त्‍योहार पर न मिल पाएं। इसके लिए बहनें भगवान कृष्‍ण को अपना भाई मानकर उन्‍हें राखी भेंट कर सकती हैं। इसके लिए आपको स्‍नान के बाद भगवान कृष्‍ण की तस्‍वीर के सामने राखी रख देनी चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए कि हे ईश्‍वर आप हमारी रक्षा करें। इससे आपका रक्षाबंधन का त्‍योहार भी बेकार नहीं जाएगा और आपको पुण्‍यफल की प्राप्ति होगी।