उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व संपन्न, व्रती महिलाओं का पूरा हुआ 36 घंटों का उपवास

जमुई
जनादेश न्यूज जमुई
गिद्धौर (अजित कुमार) आस्था के महापर्व छठ के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसी के साथ चार दिनों तक चले छठ पर्व का समापन हुआ।आज गुरुवार को अहिले सुबह से ही प्रखंड के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। छठ पूजा के आखिरी दिन उषा अर्घ्य का दिन भी कहा जाता है। इसे पारण भी कहते हैं, क्योंकि इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ व्रत का पारण कर लिया जाता है।रात तीन बजे से ही मुहल्लों की गलियों व घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर छठ मइया के मंगल गीत गूंजने लगे थे। व्रती महिलाएं समूह में गीत गाते अपने परिजनों के साथ घाटों की तरफ बढ़ रही थीं। चार बजते-बजते नदी घाटो पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गईं। ज्यादातर महिलाएं पानी में खड़ी रहीं और कुछ किनारे अपनी वेदी के पास बैठकर सूर्य के उदय होने की प्रतीक्षा करने लगीं। सूर्य की लालिमा दिखी तो समूचा घाट मां छठ मईया के जयघोष से गूंज उठा। उत्सव व उल्लास का माहौल था। गिद्धौर प्रखंड के रतनपुर पंचायत, पतसंडा, मौरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई जगहो पर नदी किनारे छठ घाट बनाए गए थे। रतनपुर नदी घाट पर पूजा कर रही व्रती महिलाओं ने कहा कि छठ माता की पूजा से घर परिवार में खुशियां आती हैं। पुत्र लाभ भी मिलता है। नहाय खाय के साथ शुरू हुआ यह व्रत उगते सूरज को अर्घ्य देकर आज पूरा हो गया।