आबादी और गाड़ियां बढ़ी पर सड़के हो रही संकीर्ण 

नवादा

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क

रजौली (नवादा) प्रखंड क्षेत्र में बजरंगबली चौक के समीप मुख्य बाजार जाने वाली सड़के संकीर्ण हो गई है।रजौली बाजार में सड़क किनारे फुटपाथ पर अतिक्रमण है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रजौली में वर्षों पहले की तुलना में आबादी में काफी इजाफा हुआ है।इस दौरान रजौली में छोटे-बड़े व्यावसायिक कई प्रतिष्ठान भी खुल चुके हैं।बड़े-बड़े दुकान के सामने कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण छोटे-बड़े वाहनों को खड़ा करने के लिए लोगों को काफी दिक्कत आती है।यही कारण है कि अक्सर सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। रजौली में देखा जाए तो फुटपाथ की कोई व्यवस्था नहीं है।जिससे सड़कों के किनारे दोनों साइड में लोग खंबा गाड़ कर अपना दुकान लगाते हैं।

फुटपाथ पर भी ठेले वालों का कब्जा

रजौली शहर वासियों का कहना है कि रजौली के अधिकतर जगह में फुटपाथ पर अतिक्रमण है।पुरानी बस स्टैंड समेत उन इलाकों में फुटपाथ पर अतिक्रमण होने के कारण लोगों को पैदल चलना भी कभी-कभी मुश्किल हो जाता है।सड़क किनारे छोटे-बड़े दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों को सामान को रख देते हैं। जिसके कारण फुटपाथ पर चलना मुश्किल हो जाता है।इसके अलावा सड़क के किनारे ठेला लगाने से भी आवागमन काफी प्रभावित होता है। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन से मांग है कि इसमें प्रशासनिक स्तर से पहल की जाए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।

कहीं नहीं है,पार्किंग की व्यवस्था

रजौली के भीड़-भाड़ वाले इलाके की बात तो दूर शहरी क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण लोगों द्वारा अपने-अपने वाहनों को बीच सड़क के समीप ही लगाते हैं।दरअसल रजौली बाजार में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।लिहाजा, लोग सड़क किनारे ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इसके अलावा दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण कर रखा है।सड़क किनारे तक दुकानों का सामान रखा हुआ आसानी से देखा जा सकता है, जिस कारण रजौली शहर में जाम की समस्या होती है।सड़कों पर अतिक्रमण के चलते वाहन आसानी से नहीं निकल पाते।इस बीच कोई चार पहिया वाहन आ जाए तो हालात ही बदल जाते हैं।बाजार में काफी काफी दूर तक जाम लग जाता है। स्कूलों की छुट्टी और शाम के समय तो इन बाजारों की हालत बेहद खराब होती है।घंटों की मशक्कत के बाद बमुश्किल लोग अपने मुकाम तक पहुंच पाते हैं।